उत्तरप्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
हवाई सर्वे के बाद मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
800 प्रभावित परिवारों को राहत किट बांटी
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित करीब 800 परिवारों को राहत किट वितरित की गई। प्रत्येक परिवार को 50-50 किलो की राहत किट दी गई।इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया था। लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर मुख्यमंत्री ने जमीनी हालात की समीक्षा की।
15 जिलों में रुक-रुककर बारिश
प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। रविवार सुबह से गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और संभल समेत करीब 15 जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
श्रावस्ती में 400 मीटर बाइपास जलमग्न
श्रावस्ती में भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। यहां बाइपास का करीब 400 मीटर हिस्सा पानी में डूब गया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।वहीं बिजनौर में बारिश के बाद सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर जलभराव इतना ज्यादा है कि सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है।
बिजनौर के सरकारी अस्पताल में घुसा पानी
बिजनौर में बारिश का असर सरकारी अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल परिसर में करीब 3 से 4 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। इससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
26 जिलों में बाढ़ का असर
उत्तरप्रदेश में वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या समेत 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। गंगा और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।वाराणसी और कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी रिहाइशी इलाकों और घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों को सुरक्षित रहने के लिए अपने घरों की छतों का सहारा लेना पड़ रहा है।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
एक तरफ नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में बारिश जारी है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।