कोलकाता : आगामी दुर्गोत्सव को शांतिपूर्ण, अनुशासित और पारंपरिक गरिमा के साथ आयोजित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने दिशा-निर्देशों का एक बड़ा ढांचा तैयार किया है। कोलकाता के नेताजी इंडियन इंडोर स्टेडियम में आयोजित दुर्गा पूजा तैयारी एवं समन्वय बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूजा के दौरान अनुशासन और धार्मिक भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन नियमों को किसी प्रकार का 'प्रतिबंध' न समझा जाए, बल्कि यह व्यवस्था सभी पक्षों से चर्चा के बाद लागू की जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ने महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने समेत पुजो कमेटियों के लिए वित्तीय अनुदान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
महाअष्टमी पर पूरी तरह बंद रहेंगी शराब की दुकानें, डीजे और सड़क जाम पर सख्त रोक
उत्सव के दौरान शांति, व्यवस्था और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महाअष्टमी के दिन राज्य भर में सभी शराब की दुकानें और बार (पानशालाएं) पूर्णतः बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी दी है कि मूर्ति, पंडाल या थीम निर्माण में ऐसा कुछ भी न किया जाए जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए पूजा एवं विसर्जन की शोभायात्राओं में डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर पूजा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड सहित 13 प्रमुख मार्गों पर पूजा पंडाल लगाना प्रतिबंधित रहेगा।
पूजा कमेटियों को 1 लाख रुपये का अनुदान और मुफ्त बिजली का आश्वासन
राज्य की दुर्गा पूजा कमेटियों के आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष भी पूजा आयोजकों को 1 लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे राज्य में पूजा पंडालों के लिए बिजली का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।हालांकि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बड़े बजट वाली पूजा कमेटियों से अपील की है कि वे संभव हो तो यह वित्तीय सहायता न लें, ताकि जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता है, उन छोटे आयोजकों को प्राथमिकता से सहयोग मिल सके। उन्होंने अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया के संदर्भ में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
देवी पक्ष (महालया) से पहले नहीं होगा उद्घाटन, कोजागरी लक्ष्मी पूजा से पहले होगा विसर्जन
पूजा आयोजकों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि देवी पक्ष (महालया) की शुरुआत से पहले किसी भी दुर्गा पूजा का उद्घाटन नहीं किया जाएगा और न ही इसके लिए कोई प्रशासनिक अनुमति दी जाएगी।विसर्जन के लिए 'कट-ऑफ डेट' तय की गई है; कोजागरी लक्ष्मी पूजा के एक दिन पहले तक सभी प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दबाव या मनमानी से विसर्जन की तारीखें आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी। हालांकि, नए शुरू होने वाले पूजा आयोजनों के लिए नियमों में लचीलापन रखा गया है।
विशेष सामाजिक पहल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण
उत्सव की समावेशिता बढ़ाने के लिए राज्य के छह प्रमुख शहरों में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और छह निर्दिष्ट घाटों पर विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। दिव्यांगजनों, वृद्धाश्रमों और विभिन्न आश्रयों के निवासियों के लिए सरकार विशेष पूजा परिक्रमा की व्यवस्था करेगी। (शारद सम्मान) पुरस्कारों के लिए केवल निष्पक्ष और धार्मिक-सांस्कृतिक ज्ञान से समृद्ध विशेषज्ञों को ही निर्णायक मंडल (Jury) में शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि आगामी महालया के विशेष कार्यक्रम के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विशेष आयोजन अत्यंत भव्य और गरिमापूर्ण होगा।