कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 8 सितंबर को दक्षिण बंगाल में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, आपके मूल ड्राफ्ट में बताए गए “पूरे बंगाल में 48-72 घंटे का ऑरेंज अलर्ट” और सभी जिलों में 40 किमी/घंटे की हवाओं को एक समान चेतावनी के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा। IMD के मौजूदा जिलेवार और उप-विभागीय पूर्वानुमान में चेतावनी की तीव्रता इलाके के अनुसार अलग-अलग है।
कोलकाता में बादल और बारिश, जलजमाव की बढ़ सकती है परेशानी
कोलकाता और आसपास के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। बारिश के कारण तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन उच्च आर्द्रता के चलते बारिश रुकने के बाद उमस बनी रहने की संभावना है। लगातार या तेज बारिश की स्थिति में शहर के निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। खासकर उन इलाकों में परेशानी ज्यादा हो सकती है जहां जल निकासी पहले से धीमी है। भारी बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की भी आशंका रहती है।
दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
IMD के 8 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण बंगाल में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। विभाग ने 8 सितंबर को भारी बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की चेतावनी दी है। 9 सितंबर को भी गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है। क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण दक्षिण बंगाल के अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी IMD के जिला-वार अपडेट को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
निम्न दबाव और मानसूनी ट्रफ का असर
IMD के 7 सितंबर के विशेष बुलेटिन के अनुसार, मानसूनी ट्रफ दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होते हुए डेहरी, पुरुलिया और दीघा तक फैली हुई थी और आगे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही थी। इसी मौसम प्रणाली के कारण पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तीव्र बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का दौर
उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के उत्तर बंगाल पूर्वानुमान में कई जिलों के लिए हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चालकों और पर्यटकों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की सलाह दी जाती है।
9 सितंबर के बाद क्या बदलेगा?
IMD के मौजूदा उप-विभागीय पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 सितंबर को भी गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां रह सकती हैं। इसके बाद 10 सितंबर को दक्षिण बंगाल के लिए कोई व्यापक चेतावनी नहीं है, जबकि 11 और 12 सितंबर को फिर भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है। इसलिए अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद नहीं है। बारिश के बीच बिजली गिरने, तेज हवाओं और स्थानीय जलजमाव को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग की सलाह
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। IMD ने भी ऐसे मौसम में बिजली गिरने और कमजोर या असुरक्षित ढांचों तथा पेड़ों की शाखाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना को लेकर सामान्य सावधानी की सलाह दी है।