कोलकाता :खाद्य सुरक्षा सप्ताह (Food Safety Week) के अवसर पर कोलकाता नगर निगम (KMC) की फूड सेफ्टी ब्रांच ने शहर के रेस्तरां और खाने-पीने की दुकानों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, 5 सितंबर तक चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कम से कम 25 रेस्तरां के फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसके अलावा गंभीर अनियमितताओं के चलते 48 दुकानों को पूरी तरह से बंद करा दिया गया है।
3989 ठिकानों पर छापेमारी, 3489 जगहों पर मिलीं गंभीर कमियां
नगर निगम की फूड सेफ्टी टीम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान शहर भर में कुल 3,989 खाद्य प्रतिष्ठानों और रेस्तरां का निरीक्षण किया गया। इसमें से 3,489 स्थानों पर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघन पाए गए। जांच दल ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के 2,151 नमूने (Samples) एकत्र कर लैब टेस्ट के लिए भेजे हैं। साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने पर 60 स्थानों पर भोजन की बिक्री तुरंत रोक दी गई।
रसोई में चूहे-कॉकरोच और फंगस लगा सड़ा मांस बरामद
फूड सेफ्टी अधिकारियों की जांच में कई नामी रेस्तरां के किचनों में भयावह स्थितियां देखने को मिलीं। रसोई में अत्यधिक गंदगी, चूहों और कॉकरोच का उपद्रव पाया गया। इसके अलावा डीप फ्रीजर में रखा सड़ चुका मांस, मछली और फंगस (छत्रक) लगा हुआ खाना जब्त किया गया। भोजन को आकर्षक बनाने के लिए हानिकारक केमिकल रंगों के इस्तेमाल की भी पुष्टि हुई है, जिसके बाद प्रशासन को लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
लाइसेंस बहाली के लिए 2 सप्ताह की मोहलत और सख्त शर्तें
जिन 25 रेस्तरां के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं, उन्हें अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए लगभग दो सप्ताह का समय दिया गया है। इस दौरान रेस्तरां मालिकों को स्वच्छता के सभी मानकों का पालन करना होगा और सुधार कार्य की तस्वीरें नगर निगम को भेजनी होंगी। इसके बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर दोबारा मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करेंगे। अधिकारी की हरी झंडी और संतुष्टि के बाद ही इन रेस्तरां को फिर से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
सुधार कार्य शुरू, नगर निगम की पैनी नजर
कार्रवाई के बाद अब तक 29 दुकानों ने तय मानकों के अनुसार अपनी रसोई और व्यवस्था में सुधार का काम शुरू कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।