मुंबई - फिल्म अभिनेत्री और एक्टिविस्ट स्वरा भास्कर की भारतीय इतिहास की घटना ‘जौहर’ को लेकर की गई हालिया टिप्पणियां विवादों में हैं। उनके बयान पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। आलोचनाओं के बीच स्वरा ने अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई देने की कोशिश भी की, लेकिन विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वरा की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

‘जौहर’ को लेकर क्या है विवाद?
स्वरा भास्कर ने ‘जौहर’ की ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठाए थे। उनकी टिप्पणियों को लेकर यह बहस शुरू हुई कि इतिहास में महिलाओं द्वारा अपनाई गई इस प्रथा को आज के नजरिए से किस तरह समझा जाना चाहिए। आलोचकों का आरोप है कि स्वरा ने ‘जौहर’, सती और यौन हिंसा जैसे अलग-अलग ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भों को एक साथ रखकर देखा। हालांकि, स्वरा की ओर से बाद में अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने की बात भी सामने आई है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने लेख के जरिए किया पलटवार
प्रियंका चतुर्वेदी ने पहले भी सोशल मीडिया पर स्वरा की ‘जौहर’ संबंधी टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। अब उन्होंने ‘द पायनियर’ में प्रकाशित एक लेख के जरिए इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी है। लेख में उन्होंने स्वरा की कथित फेमिनिस्ट सोच और ‘जौहर’ को लेकर उठाए गए सवालों की आलोचना की। प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक घटनाओं को समझते समय उनके सामाजिक, राजनीतिक और तत्कालीन परिस्थितियों के संदर्भ को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जौहर, सती और रेप की तुलना पर सवाल
प्रियंका चतुर्वेदी के लेख का एक प्रमुख मुद्दा उन कथित तुलनाओं से जुड़ा है, जिनमें ‘जौहर’, सती और रेप को एक ही विमर्श में रखे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि इन घटनाओं की प्रकृति, परिस्थितियां और ऐतिहासिक संदर्भ अलग-अलग रहे हैं। ऐसे में उन्हें एक समान श्रेणी में रखकर देखने से इतिहास और उससे जुड़े सामाजिक संदर्भों की जटिलता कम करके आंकी जा सकती है।
सोशल मीडिया से अखबार तक पहुंचा विवाद
स्वरा भास्कर की टिप्पणी को लेकर शुरू हुई बहस अब सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही है। प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया और उनके अखबार में प्रकाशित लेख के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में आ गया है। एक तरफ स्वरा की टिप्पणी को लेकर आलोचना हो रही है, वहीं दूसरी ओर इतिहास में महिलाओं की स्थिति, जौहर जैसी प्रथाओं और आधुनिक नारीवादी दृष्टिकोण को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
इतिहास को लेकर जारी है बहस
‘जौहर’ भारतीय इतिहास का एक संवेदनशील विषय है, जिसे लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टिकोण मौजूद हैं। इसी वजह से इससे जुड़ी टिप्पणियां अक्सर भावनात्मक और राजनीतिक बहस का रूप ले लेती हैं। फिलहाल स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया के बाद विवाद एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।