मुंबई - बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने महिलाओं के चरित्र पर होने वाले हमलों को लेकर चिंता जताई है। सोमवार को कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी महिला को बदनाम करने के लिए उसके चरित्र पर सवाल उठाना लंबे समय से अपनाया जाता रहा है। उनके मुताबिक, यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं को इस तरह निशाना बनाया जाता है। कंगना ने यह टिप्पणी तमिलनाडु में अभिनेत्री तृषा को लेकर विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के संदर्भ में की।

‘हमेशा महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है’
जिला विकास समन्वय और निगरानी बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कंगना ने कहा कि जब किसी विवाद में गाली-गलौज और चरित्र हनन की स्थिति आती है तो अक्सर महिला को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महिला चाहे कामकाजी हो, सफल हो, किसी नेतृत्व की भूमिका में हो या किसी महत्वपूर्ण पद पर हो, उसके चरित्र पर सवाल उठाकर उसे कमजोर करने की कोशिश की जाती है।

‘यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं’
कंगना के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां और चरित्र पर हमले केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने समाज से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए सवाल उठाया कि महिलाओं को देखने का नजरिया आखिर कब बदलेगा और क्या समाज वास्तव में महिलाओं का सम्मान करता है।

तृषा विवाद का भी किया जिक्र
कंगना ने अपने बयान में तमिलनाडु के उस विवाद का भी उल्लेख किया, जिसमें अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था। हालांकि, इस विवाद से जुड़े बयानों और आरोपों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कंगना ने इसी संदर्भ को महिलाओं के चरित्र पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने की व्यापक समस्या से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

विजय ने भी दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी विधानसभा में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना अपनी जगह हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। विजय ने विपक्षी पार्टी डीएमके को चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ निजी हमले, दोहरे अर्थ वाली अपमानजनक टिप्पणियां या अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं के सम्मान पर बहस फिर तेज
कंगना के बयान और तमिलनाडु में सामने आए विवाद के बाद महिलाओं के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी और राजनीतिक बहस की भाषा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कंगना का कहना है कि राजनीतिक या सार्वजनिक विवादों में महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और समाज को अपने नजरिए पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।