सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 22 लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया है। इससे पहले बंडा SDM आरती यादव को भी पद से हटाया जा चुका है। वहीं, पुलिस ने मामले में अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 14 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि 16 आरोपी अब भी फरार हैं।
SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटाया, रोहित लखारे को मिली जिम्मेदारी
जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस विभाग ने बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। उनकी जगह रोहित लखारे को बंडा का नया SDOP नियुक्त किया गया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मामले की समीक्षा कर रहे हैं। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
SDM आरती यादव भी पद से हटाईं
प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं संयुक्त कलेक्टर आरती यादव को SDM पद से हटा दिया है। अब उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय सागर में पदस्थ किया गया है। आरती यादव बंडा के साथ शाहगढ़ अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं।
संजय कुमार जैन को बंडा SDM का प्रभार
कलेक्टर के आदेश के मुताबिक डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को बंडा SDM का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें शाहगढ़ अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। नई प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रखने और मामले के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है।
22 मौतों से मचा हड़कंप
बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत के बाद पूरे बुंदेलखंड में हड़कंप मचा हुआ है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम है, वहीं स्थानीय लोगों में भी आक्रोश और चिंता का माहौल है। सरकार और प्रशासन की ओर से मामले में जांच के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
14 आरोपी गिरफ्तार, 16 अभी फरार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं, 16 आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।