राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में बुधवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। मतदान शुरू होते ही प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में मतदाता अपने-अपने बूथों पर पहुंचने लगे। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।ठंडी हवा के बीच भी मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शाहपुरा, अजमेर, कोटपूतली, बारां, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और बूंदी समेत कई निकायों में लोगों ने सुबह-सुबह मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
Gen Z में भी दिखा वोटिंग का जोश
इस चुनाव में युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की मौजूदगी खास तौर पर नजर आई। कई युवा सुबह जल्दी मतदान केंद्रों पर पहुंचे और EVM का बटन दबाकर स्थानीय निकाय के लिए अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दिया।सोशल मीडिया पर चुनाव और मतदान को लेकर सक्रिय रहने वाली Gen Z की बूथों पर भागीदारी को स्थानीय लोकतंत्र के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, दिनभर मतदान का प्रतिशत किस स्तर तक पहुंचता है, इसका वास्तविक आंकलन मतदान समाप्त होने के बाद ही हो सकेगा।
शाहपुरा में 55 वार्डों के लिए मतदान
शाहपुरा नगर परिषद के 55 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान केंद्रों पर शुरुआती घंटों से ही मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
अजमेर जिले के कई निकायों में वोटिंग
अजमेर जिले के नसीराबाद, सावर और टांटोटी में 20-20 वार्डों के लिए मतदान शुरू हुआ। नसीराबाद में 6,834, सावर में 8,972 और टांटोटी में 5,852 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।वहीं केकड़ी में 40 वार्डों के 35,829, पीसांगन में 25 वार्डों के 14,098 और सरवाड़ में 25 वार्डों के 16,334 मतदाता मतदान कर रहे हैं। पीसांगन के सभी 25 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान की जानकारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
कोटपूतली में 60 वार्ड, 428 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर
कोटपूतली नगर परिषद में 60 वार्डों के लिए कुल 103 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 428 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 54, कांग्रेस के 58 और अन्य दलों तथा निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या 316 है।नगर परिषद क्षेत्र में कुल 95,426 मतदाता हैं। इनमें 50,154 पुरुष, 45,271 महिला और एक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल है। मतदान शुरू होते ही कई बूथों पर मतदाताओं की भीड़ नजर आई।
नागौर में EVM खराब, करीब एक घंटे मतदान प्रभावित
नागौर शहर के महात्मा गांधी सरकारी स्कूल बख्तासागर मतदान केंद्र पर EVM में तकनीकी खराबी के कारण करीब एक घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। मशीन में समस्या आने के बाद मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतार लग गई।महिला मतदाताओं ने भी परेशानी की शिकायत की। इसके बाद दूसरी EVM बूथ पर भेजी गई और मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।
बारां के तीन निकायों में 1.29 लाख से ज्यादा मतदाता
बारां नगर परिषद के 60 वार्ड, अंता के 35 वार्ड और सीसवाली नगरपालिका के 20 वार्डों में मतदान शुरू हुआ। तीनों निकायों के 166 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा।इन तीनों निकायों में कुल 1,29,154 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान शुरू होने से पहले पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में सभी बूथों पर EVM का मॉक पोल कराया गया।
बांसवाड़ा-डूंगरपुर में भी सुबह से मतदान
वागड़ क्षेत्र के बांसवाड़ा और डूंगरपुर नगर परिषद में भी पहले चरण के लिए मतदान शुरू हुआ। बांसवाड़ा में 59 वार्डों के लिए 99 बूथ बनाए गए हैं, जबकि डूंगरपुर में 38 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है।बांसवाड़ा में 92,602 और डूंगरपुर में 35,848 मतदाता वोट डाल रहे हैं। बांसवाड़ा में 185 और डूंगरपुर में 95 प्रत्याशी मैदान में हैं।बांसवाड़ा के वार्ड 12 तथा डूंगरपुर के वार्ड 23 और 28 से भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
बूंदी संभाग के चार निकायों में भी वोटिंग
बूंदी, इन्द्रगढ़, केशोरायपाटन और देई में भी सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। इन चारों निकायों में कुल 1,27,013 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।बूंदी नगर परिषद में 92,113, इन्द्रगढ़ में 4,856, केशोरायपाटन में 20,089 और देई में 9,955 मतदाता हैं। मतदान के लिए कुल 159 केंद्र बनाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रहा मतदान
प्रदेशभर में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।एरिया मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और गश्ती दल मतदान केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। बारां में मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
शाम 6 बजे तक होगा मतदान
पहले चरण का मतदान शाम 6 बजे समाप्त होगा। इसके बाद EVM को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला मतगणना के दिन होगा।