कान्हा के जन्मोत्सव के बाद अब राधारानी के जन्मोत्सव यानी राधाष्टमी महोत्सव को लेकर बरसाना में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार प्रवेश और निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। 17 सितंबर की रात से बरसाना कस्बे में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। राधाष्टमी का मुख्य उत्सव 19 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसी दिन सुबह करीब 4 बजे राधारानी के निज महल में जन्मोत्सव मनाया जाएगा। प्रशासन ने सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पेयजल, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
राधाष्टमी पर बनाए गए दो प्रवेश द्वार
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार बरसाना में दो प्रमुख प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा, जिससे एक ही रास्ते पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
कामां, कोसीकलां और छाता की ओर से आने वाले श्रद्धालु प्रिया कुंड स्थित लाडो द्वार से प्रवेश करेंगे। यहां से श्रद्धालु सुदामा चौक की नई सीढ़ियों के रास्ते राधारानी मंदिर की ओर जाएंगे।
वहीं, गोवर्धन की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीली कोठी तिराहा स्थित ‘हमारो प्यारो बरसाना द्वार’ निर्धारित किया गया है। इस मार्ग से आने वाले श्रद्धालु सुदामा चौक की पुरानी सीढ़ियों से मंदिर की ओर जाएंगे। राधारानी मंदिर के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को जयपुर मंदिर मार्ग से नीचे उतारा जाएगा।
17 सितंबर की रात से वाहनों की एंट्री बंद
एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि इस बार पिछले आयोजनों की तुलना में बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सफाई के साथ पर्याप्त प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
पार्किंग को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। 17 सितंबर की रात से बरसाना कस्बे में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे। राधारानी के अभिषेक के दर्शन ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को मिल सकें, इसके लिए सेवायतों से भी समन्वय किया जाएगा।
अधिकारियों ने पैदल किया बरसाना का निरीक्षण
राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक हुई। इसमें एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार और एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पार्किंग, पेयजल और ट्रैफिक व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने पैदल पूरे बरसाना का भ्रमण किया और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया।
भीड़ ज्यादा हुई तो चरणबद्ध तरीके से मिलेगा प्रवेश
19 सितंबर को मुख्य जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बरसाना पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की योजना बनाई है। भीड़ अधिक होने पर श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके।
17 से 26 सितंबर तक होंगे कई धार्मिक आयोजन
राधाष्टमी महोत्सव के तहत बरसाना और आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राधाष्टमी महोत्सव का पूरा कार्यक्रम
- 17 सितंबर: ऊंचागांव में राधारानी की प्रधान सखी ललिता जी का जन्मोत्सव।
- 18 सितंबर: लाडली जी मंदिर में राधा जन्मोत्सव की धूम और श्रद्धालुओं द्वारा चाव चढ़ाने की परंपरा।
- 19 सितंबर: लाडली जी मंदिर में राधारानी के विग्रह का अभिषेक। शाम को सफेद छतरी में राधारानी के दर्शन।
- 20 सितंबर: सुबह मोरकुटी में मयूर लीला और शाम को लाडली जी मंदिर में ढाढ़ी-ढाढ़िन लीला।
- 21 सितंबर: सुबह विलासगढ़ में लीला और मान मंदिर में मान लीला।
- 22 सितंबर: सुबह सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला और शाम को प्रेम सरोवर गाजीपुर में नौका विहार लीला।
- 23 सितंबर: ऊंचागांव के सखिगिरी पर्वत पर ब्याहवला लीला और शाम को प्रियाकुंड में नौका विहार लीला।
- 24 सितंबर: दोपहर सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला और शाम को विशाल दंगल।
- 25 सितंबर: राजस्थान के कदंब खंडी में चीर हरण लीला।
- 26 सितंबर: मड़ोई, करहला और राधाबाग में महारास लीला।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
राधाष्टमी के मुख्य दिन बरसाना में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन का फोकस भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन पर है। अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा के इंतजामों को समय रहते पूरा किया जाएगा।
बैठक और निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी और अधिशाषी अधिकारी डॉ. कल्पना बाजपेई समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।