रायपुर, 9 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक होने जा रही है। कैबिनेट की बैठक सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में शुरू होगी। करीब एक महीने बाद हो रही इस बैठक में कई नीतिगत, प्रशासनिक और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा सरकारी जमीन पर लंबे समय से काबिज लोगों को पट्टा दिए जाने से जुड़े संभावित प्रस्ताव की है। हालांकि इस मुद्दे को अभी कैबिनेट के आधिकारिक एजेंडे में सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं किया गया है, इसलिए इसे संभावित फैसले के रूप में ही लिखा जाना चाहिए।
सुबह 11:30 बजे महानदी भवन में बैठक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय महानदी भवन के कैबिनेट कक्ष में होगी। सरकार की ओर से विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव बैठक के लिए तैयार किए गए हैं। इन पर चर्चा के बाद मंजूरी मिलने की स्थिति में सरकार संबंधित निर्णयों की आधिकारिक जानकारी जारी करेगी।
सरकारी जमीन के पट्टे पर लग सकती है मुहर
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि राज्य सरकार लंबे समय से सरकारी जमीन पर रह रहे या काबिज लोगों को पट्टा देने से जुड़े प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। मीडिया रिपोर्टों में 10 साल से कब्जे की अवधि का भी उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि बैठक शुरू होने से पहले इस प्रस्ताव का पूरा मसौदा, पात्रता, जमीन की श्रेणी और शर्तें सार्वजनिक नहीं हुई हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि 10 साल से सरकारी जमीन पर काबिज हर व्यक्ति को स्वतः पट्टा मिल जाएगा।
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
अगर कैबिनेट में ऐसा प्रस्ताव मंजूर होता है तो उसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि योजना शहरी क्षेत्रों तक सीमित होगी या ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगी। इसके अलावा जमीन का उपयोग आवासीय होना जरूरी होगा या दूसरी श्रेणियां भी शामिल होंगी, जमीन के क्षेत्रफल की कोई सीमा होगी या नहीं और किन दस्तावेजों के आधार पर कब्जे की अवधि तय की जाएगी—ये सभी बातें आधिकारिक आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
कई जनहित के मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार कृषि, नगरीय विकास, राजस्व, कर्मचारी हित और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों पर भी फैसले ले सकती है। हालांकि बैठक से पहले सरकार ने सभी प्रस्तावों की विस्तृत सार्वजनिक सूची जारी नहीं की है। इसलिए किसी संभावित प्रस्ताव को अंतिम फैसला बताने से बचना जरूरी है।
बैठक के बाद सामने आएंगे अंतिम फैसले
कैबिनेट बैठक पूरी होने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव सरकार के फैसलों की जानकारी मीडिया को दे सकते हैं। पिछली बैठकों की तरह आज भी मंत्रिपरिषद के निर्णयों का आधिकारिक ब्यौरा बैठक के बाद सामने आने की संभावना है।
इसके बाद ही साफ होगा कि सरकारी जमीन के पट्टे से जुड़ा प्रस्ताव कैबिनेट में आया या नहीं और अगर आया तो किन शर्तों के साथ मंजूर हुआ।