ग्वालियर, 9 सितंबर 2026 | बारिश और बदलते मौसम के बीच ग्वालियर में मौसमी बीमारियों के साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) और डेंगू के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है। मंगलवार को गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) की वायरोलॉजी लैब में हुई जांच में तीन मरीज H1N1 पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद ग्वालियर में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 7 बताई जा रही है। राहत की बात यह है कि इनमें से दो मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि पांच संक्रमितों का इलाज और चिकित्सकीय निगरानी जारी है। सितंबर की शुरुआत में ग्वालियर में H1N1 के मामले सामने आने शुरू हो गए थे। 3 सितंबर तक शहर में दो मामलों की पुष्टि की रिपोर्ट थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई थी।
GRMC लैब में तीन नए मरीज पॉजिटिव
मंगलवार को GRMC की लैब में संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई। इनमें तीन मरीजों की रिपोर्ट Influenza A (H1N1) पॉजिटिव आई। मरीजों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। संपर्क में आए लोगों में लक्षण दिखाई देने पर उन्हें भी जांच कराने की सलाह दी जा सकती है। ग्वालियर की वायरोलॉजी लैब में आसपास के जिलों से आने वाले संदिग्ध मरीजों की भी जांच की जा रही है। 7 सितंबर को लैब में जांचे गए एक नमूने में छतरपुर की महिला भी H1N1 पॉजिटिव मिली थी।
शहर में अब 7 H1N1 मरीज
ताजा स्थानीय जानकारी के अनुसार ग्वालियर में अब तक 7 स्वाइन फ्लू मरीज सामने आए हैं। इनमें से दो मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। पांच मरीजों का फिलहाल इलाज जारी बताया जा रहा है। हालांकि किसी मरीज की हालत गंभीर होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए “स्वाइन फ्लू का कहर” जैसी भाषा से बचना बेहतर होगा।
डेंगू ने भी बढ़ाई चिंता, 5 साल का बच्चा पॉजिटिव
H1N1 के साथ ग्वालियर में डेंगू के भी दो नए मरीज सामने आए हैं।
इनमें एक पांच साल का बच्चा भी शामिल बताया गया है। दोनों मरीजों की जांच में Dengue Positive आने के बाद इलाज शुरू किया गया है।
बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी Aedes मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के लिए mosquito breeding sites को खत्म करना इस समय अहम है।
चिकनगुनिया के केस भी आ चुके हैं सामने
ग्वालियर में चिंता केवल H1N1 और डेंगू तक सीमित नहीं है। हाल ही में शहर में चिकनगुनिया के मामले भी सामने आए हैं।
इससे बारिश के मौसम में वायरल और mosquito-borne diseases की एक साथ निगरानी जरूरी हो गई है। हाल की स्थानीय रिपोर्टों ने भी ग्वालियर में डेंगू, H1N1 और चिकनगुनिया के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता का उल्लेख किया है।
Swine Flu के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- H1N1 संक्रमण में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और ज्यादा थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
- बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारी वाले लोगों में फ्लू के लक्षण आने पर जल्दी चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।
Dengue में इन संकेतों पर तुरंत अस्पताल जाएं
डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, उल्टी तथा त्वचा पर लाल चकत्ते हो सकते हैं।
तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, असामान्य रक्तस्राव, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे warning signs दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है।
कूलर, गमले की ट्रे, छत पर रखे पुराने टायर, बाल्टी, ड्रम और दूसरे बर्तनों में पानी जमा न होने दें। पानी की टंकी ढककर रखें और कम से कम सप्ताह में एक बार घर के आसपास breeding sites की जांच करें।
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। हाथों को साबुन से नियमित रूप से साफ करें और फ्लू के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षण होने पर मास्क पहनना दूसरों तक संक्रमण पहुंचने का खतरा कम कर सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के antibiotics या antiviral medicines शुरू नहीं करनी चाहिए।