छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राओं के अपनी समस्याएं बताने के लिए पैदल अंबिकापुर जाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर ने स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया है, जबकि हॉस्टल वार्डन को नोटिस जारी किया गया है।मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से चर्चा की और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छात्राओं ने बताई हॉस्टल और पढ़ाई की समस्याएं
शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राओं ने हॉस्टल और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखी थीं। छात्राओं के मुताबिक, हॉस्टल में करीब तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई थी।इसके अलावा छात्राओं ने स्कूल में फिजिक्स और केमेस्ट्री की पढ़ाई ठीक से नहीं होने तथा मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था खराब होने की शिकायत भी की।
करीब 30 किलोमीटर पैदल निकल पड़ीं छात्राएं
छात्राओं का आरोप था कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।इसके बाद छात्राओं ने अपनी बात सीधे सरगुजा कलेक्टर तक पहुंचाने का फैसला किया। इसी उद्देश्य से छात्राएं करीब 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अंबिकापुर के लिए निकल पड़ीं।छात्राओं के इस कदम की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्रशासन ने तत्काल भेजी बस
छात्राओं के पैदल कलेक्ट्रेट की ओर जाने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया। परिवहन विभाग की ओर से छात्राओं के लिए बस उपलब्ध कराई गई।
प्रिंसिपल हटाए गए, वार्डन को नोटिस
छात्राओं की शिकायतों के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को हटा दिया है। वहीं हॉस्टल वार्डन को नोटिस जारी किया गया है।इसके साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान स्कूल और हॉस्टल की व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल की जाएगी।
CM साय ने जताई नाराजगी
मामले की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंचने के बाद उन्होंने कलेक्टर से फोन पर चर्चा की और नाराजगी जताई।उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री रामविचार नेताम ने भी मांगी रिपोर्ट
मामले में आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी जांच रिपोर्ट मांगी है। विभाग की ओर से स्कूल और हॉस्टल में सामने आई समस्याओं तथा शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी जुटाई जा रही है।
शिकायतों के बाद भी समस्याएं बनी रहीं
छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल की सुविधाओं और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी रहीं।अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि स्कूल और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।