लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे मौसम और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं, जहां करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
पूर्वी से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक कई इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक 31 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जबकि 22 जिलों में जलभराव की समस्या अधिक गंभीर है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से वाराणसी समेत कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। वाराणसी में गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। बढ़ते पानी का असर नदी किनारे बसे इलाकों और प्रमुख घाटों पर भी दिखाई दे रहा है।
सरयू ने भी बढ़ाई परेशानी
बाराबंकी समेत सरयू नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हुई है। नदी का पानी आसपास के गांवों में प्रवेश कर गया है, जिससे ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों के सामने घर और सामान सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बलिया में कई गांव प्रभावित
बलिया में गंगा और घाघरा दोनों नदियों के जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार जिले के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि करीब 4,847 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश जारी है।
राहत शिविरों में मिल रही जरूरी सुविधाएं
वाराणसी में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में रहने वाले लोगों को भोजन, पीने का पानी, बिस्तर और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन की प्राथमिकता निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालना है।
आगे भी चुनौती बरकरार
नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव और बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन और राहत एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत के अनुसार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।