आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की खिताबी जीत के बाद से रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे करियर को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। दोनों दिग्गज फिलहाल सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं और 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप पर उनकी नजरें हैं। हालांकि, क्या दोनों खिलाड़ी उस टूर्नामेंट तक टीम इंडिया का हिस्सा बने रहेंगे, इसे लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और मौजूदा समय में गुजरात टाइटंस के हेड कोच आशीष नेहरा ने भी इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। नेहरा ने रोहित और विराट की जगह को अभी से पक्का मानने से इनकार करते हुए कहा कि वर्ल्ड कप में अभी करीब 13 महीने का समय बाकी है और इतने लंबे अंतराल में क्रिकेट में काफी बदलाव हो सकते हैं।
रोहित-विराट पर नेहरा ने क्यों जताया सवाल?
आशीष नेहरा का मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट के लिए पिछले कई वर्षों में शानदार योगदान दिया है, लेकिन सिर्फ पुराने रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर 2027 वर्ल्ड कप की टीम में उनकी मौजूदगी तय नहीं मानी जा सकती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टूर्नामेंट तक अभी काफी समय बाकी है। ऐसे में अगले एक साल से ज्यादा समय में खिलाड़ियों की फॉर्म, फिटनेस, टीम की जरूरत और चयनकर्ताओं की रणनीति कई चीजों को प्रभावित कर सकती है। नेहरा ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की उम्र को सिर्फ एक संख्या के तौर पर देखना चाहिए। उनके मुताबिक असली सवाल यह होगा कि आने वाले समय में खिलाड़ी किस तरह प्रदर्शन करते हैं और टीम की जरूरतों के हिसाब से खुद को कितना प्रभावी साबित कर पाते हैं।
शुभमन गिल का उदाहरण देकर समझाया बड़ा बदलाव
नेहरा ने अपनी बात समझाने के लिए शुभमन गिल का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में ऐसा देखने को मिला कि एक खिलाड़ी, जो टेस्ट और टी20 टीम की कप्तानी कर रहा था और वनडे टीम का भी कप्तान था, उसे टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले उस फॉर्मेट की टीम से बाहर कर दिया गया। गिल का यह उदाहरण देते हुए नेहरा ने संकेत दिया कि क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। जिस खिलाड़ी की टीम में भूमिका कुछ समय पहले बेहद महत्वपूर्ण नजर आ रही हो, उसकी स्थिति कुछ महीनों बाद अलग हो सकती है। इसी वजह से नेहरा ने रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर भी अभी से कोई अंतिम निष्कर्ष निकालने से बचने की बात कही है।
‘13 महीने बहुत लंबा समय है’, नेहरा ने क्यों कही ये बात?
2027 वनडे वर्ल्ड कप में अभी लगभग 13 महीने का समय है। नेहरा के मुताबिक यह अवधि इतनी लंबी है कि इस दौरान खिलाड़ियों की फॉर्म से लेकर टीम कॉम्बिनेशन तक कई चीजें बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले आखिरी कुछ सप्ताहों में भी टीमों और खिलाड़ियों को लेकर कई बड़े फैसले देखने को मिलते हैं। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, दूसरे खेलों में भी बड़े टूर्नामेंट से पहले परिस्थितियां बदलती रही हैं। यही वजह है कि नेहरा के मुताबिक अभी से यह कहना मुश्किल है कि रोहित और विराट निश्चित तौर पर 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे।
BCCI की बात और नेहरा के बयान से बढ़ा अंतर
रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर इससे पहले बीसीसीआई सचिव की ओर से भी बयान सामने आया था। उन्होंने रोहित की जगह को लेकर किसी तरह के संदेह से इनकार किया था। हालांकि, चयनकर्ताओं की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई स्पष्ट अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में नेहरा का बयान इस बहस को और दिलचस्प बना देता है। एक तरफ रोहित और विराट का अनुभव तथा भारतीय क्रिकेट में उनका कद है, वहीं दूसरी ओर चयन प्रक्रिया में मौजूदा प्रदर्शन, फिटनेस और भविष्य की टीम की जरूरतों को भी महत्व दिया जाएगा।
रोहित और विराट अब सिर्फ वनडे क्रिकेट पर फोकस कर रहे
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से भी दूरी बना ली। अब दोनों दिग्गज भारतीय टीम के लिए वनडे क्रिकेट में ही उपलब्ध हैं। ऐसे में 2027 वनडे वर्ल्ड कप उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक माना जा रहा है। भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब अपने नाम किया था और उस सफलता के बाद दोनों खिलाड़ियों के वनडे भविष्य को लेकर चर्चा और तेज हो गई थी।
क्या 2027 वर्ल्ड कप में दिखेगी रोहित-विराट की जोड़ी?
फिलहाल इस सवाल का निश्चित जवाब देना मुश्किल है। दोनों खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का विशाल अनुभव है और उन्होंने बड़े टूर्नामेंटों में भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। लेकिन वर्ल्ड कप अभी दूर है और आने वाले महीनों में प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतों के आधार पर समीकरण बदल सकते हैं। आशीष नेहरा का बयान भी इसी संभावना की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि किसी भी खिलाड़ी को लेकर इतने पहले अंतिम फैसला मान लेना सही नहीं होगा।