सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में पिछले साल आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण और लोगों के पुनर्वास के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) से ₹249.86 करोड़ की राशि 465 लक्षित परियोजनाओं के लिए मंजूर की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि 4-5 अक्टूबर 2025 को आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से खास तौर पर दार्जिलिंग की पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। सरकार के मुताबिक, स्वीकृत राशि का इस्तेमाल प्रभावित समुदायों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में किया जाएगा।
465 परियोजनाओं के जरिए होगा पुनर्निर्माण
₹249.86 करोड़ की राशि से कुल 465 परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। इनमें आपदा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का जोर ऐसे बुनियादी ढांचे को दोबारा मजबूत करने पर है, जो पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने इसे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रभावित पहाड़ी समुदायों के पुनर्वास से जुड़ी पहल बताया है।
4-5 अक्टूबर 2025 की आपदा के बाद बड़ा पुनर्निर्माण अभियान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, 4 और 5 अक्टूबर 2025 को आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। खासकर दार्जिलिंग हिल्स में सड़क, सार्वजनिक ढांचे और स्थानीय समुदाय प्रभावित हुए थे। अब सरकार का कहना है कि SDRF से मिली राशि के जरिए क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों को दोबारा खड़ा करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में काम तेज किया जाएगा।
पहाड़ी इलाकों के पुनर्वास पर विशेष जोर
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार उत्तर बंगाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और आपदा के बाद सामान्य जीवन बहाल करना उसकी प्राथमिकता है। उनके अनुसार, पुनर्निर्माण का उद्देश्य केवल सड़कों या अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित पहाड़ी समुदायों के भविष्य को सुरक्षित करना भी है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में 465 परियोजनाओं को इस व्यापक पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया है।
कलिम्पोंग और दार्जिलिंग पर भी नजर
उत्तर बंगाल की प्रशासनिक समीक्षा के दौरान दार्जिलिंग हिल्स और कलिम्पोंग समेत प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले खराब मौसम के कारण कलिम्पोंग की अपनी यात्रा रद्द होने के बाद उत्तरकन्या से प्रशासन के साथ वर्चुअल बैठक करने की बात कही थी। सरकार का दावा है कि स्वीकृत फंड का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से सीधे विकास और पुनर्वास कार्यों में किया जाएगा। ₹249.86 करोड़ की यह मंजूरी आपदा प्रभावित उत्तर बंगाल में लंबे समय से लंबित पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।