नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। आमतौर पर लोग विटामिन D और B12 की कमी पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन मैग्नीशियम भी शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण मिनरल है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, थकान और पैरों में खिंचाव जैसी परेशानियां हो सकती हैं। डायटेटिक्स एक्सपर्ट ऋचा शर्मा, कंसल्टेंट डायटेटिक्स, कैलाश दीपक हॉस्पिटल के मुताबिक, शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर कुछ ऐसे संकेत दिखाई दे सकते हैं जिन्हें लोग सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, मैग्नीशियम की कमी और कैंसर के बीच संभावित संबंध को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। आइए जानते हैं एक्सपर्ट के मुताबिक इससे जुड़ी जरूरी बातें।
मैग्नीशियम की कमी होने पर शरीर देता है ये संकेत
शरीर में मैग्नीशियम कम होने पर शुरुआती लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते। कई बार व्यक्ति इन्हें सामान्य कमजोरी समझ लेता है। हालांकि, कुछ लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
मैग्नीशियम की कमी होने पर:
- लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
- भूख कम लग सकती है।
- मतली की समस्या हो सकती है।
- मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव हो सकता है।
- पैरों में दर्द या मरोड़ महसूस हो सकती है।
- हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन हो सकता है।
अगर शरीर में मैग्नीशियम की कमी काफी ज्यादा हो जाए तो इसका असर नसों, मांसपेशियों और हृदय की सामान्य कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में दिल की धड़कन अनियमित होने या दौरे जैसी समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम शरीर में कैल्शियम और पोटैशियम के संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए लगातार ऐसे लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच कराना बेहतर है।
क्या मैग्नीशियम की कमी से कैंसर होता है?
यह सवाल काफी लोगों के मन में रहता है कि क्या शरीर में मैग्नीशियम की कमी कैंसर का कारण बन सकती है। इसका सीधा जवाब है कि फिलहाल ऐसा पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि मैग्नीशियम की कमी सीधे कैंसर का कारण बनती है।
हालांकि, कुछ अध्ययनों में शरीर में मैग्नीशियम के स्तर और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम के बीच संभावित संबंध की जांच की गई है। मैग्नीशियम शरीर में कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं में शामिल होता है, जिनमें सूजन को नियंत्रित करना, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटना और DNA से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
लेकिन इन संभावित संबंधों को कैंसर का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा। इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है। इसलिए केवल मैग्नीशियम की कमी को कैंसर का कारण बताना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
मैग्नीशियम की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?
अच्छी बात यह है कि संतुलित डाइट के जरिए मैग्नीशियम की जरूरत पूरी की जा सकती है। इसके लिए रोजमर्रा के भोजन में मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
1. नट्स और सीड्स
बादाम, काजू, कद्दू के बीज और तिल मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है।
2. हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां, खासकर पालक, मैग्नीशियम प्रदान करने वाले अच्छे खाद्य विकल्प हैं। इन्हें सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है।
3. दाल और बीन्स
चना, राजमा, बीन्स और विभिन्न दालें भारतीय भोजन का हिस्सा हैं और इन्हें डाइट में शामिल करके मैग्नीशियम के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व भी हासिल किए जा सकते हैं।
4. साबुत अनाज और मिलेट्स
बाजरा और रागी जैसे मिलेट्स के अलावा साबुत अनाज भी मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इन्हें नियमित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
5. एवोकाडो और डार्क चॉकलेट
एवोकाडो और डार्क चॉकलेट में भी मैग्नीशियम पाया जाता है। हालांकि डार्क चॉकलेट का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है, खासकर इसमें मौजूद कैलोरी और चीनी की मात्रा को ध्यान में रखते हुए।
क्या मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना जरूरी है?
हर व्यक्ति को मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। अगर सामान्य और संतुलित खान-पान से पर्याप्त मैग्नीशियम मिल रहा है, तो केवल आशंका के आधार पर सप्लीमेंट शुरू करना जरूरी नहीं है। अगर किसी व्यक्ति में लगातार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी या अन्य संबंधित लक्षण हैं, तो डॉक्टर की सलाह से जांच और उचित उपचार कराना चाहिए। जरूरत होने पर डॉक्टर ही तय कर सकते हैं कि डाइट में बदलाव पर्याप्त है या सप्लीमेंट की आवश्यकता है।
मैग्नीशियम को लेकर सबसे जरूरी बात
मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल है और इसकी पर्याप्त मात्रा बनाए रखना ओवरऑल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन इसकी कमी को सीधे कैंसर का कारण मानना सही नहीं है। संतुलित आहार में नट्स, सीड्स, हरी सब्जियां, दालें, चना, राजमा, बाजरा और रागी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करना मैग्नीशियम प्राप्त करने का आसान तरीका है।