लखनऊ, 10 सितंबर 2026 | उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार चल रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय की 9 सितंबर की अपडेट के मुताबिक अब तक 21,333 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। जलभराव और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए प्रशासन 2,304 नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल कर रहा है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, राहत किट, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम भी जारी है।
8.58 लाख से ज्यादा Lunch Packets बांटे
बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार अब तक प्रदेश में 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं सिर्फ बुधवार को 83,545 लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। इसके अलावा अब तक 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट भी बांटी जा चुकी हैं।
1,343 Flood Shelters तैयार, 7,581 लोग रह रहे
जिन परिवारों के घरों में पानी भर गया है या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उनके लिए प्रदेशभर में 1,343 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। इन राहत शरणालयों में फिलहाल 7,581 लोग ठहरे हुए हैं। यहां भोजन, पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा प्रशासन ने किया है।
स्वास्थ्य के लिए 1,139 Medical Teams तैनात
बाढ़ के बाद गंदे पानी और जलभराव के कारण डायरिया, त्वचा रोग और दूसरी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 1,139 मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
अब तक 7.09 लाख से ज्यादा क्लोरीन टैबलेट और 2.88 लाख से अधिक ORS पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
इन 26 जिलों में अभी भी बाढ़ का असर
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में नदियों के किनारे और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुछ दिनों में तेजी से बढ़ा Rescue Operation
4 सितंबर तक प्रदेश में करीब 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था और 1,312 बाढ़ शरणालय बनाए गए थे। 9 सितंबर तक सुरक्षित निकाले गए लोगों की संख्या बढ़कर 21,333 और शरणालयों की संख्या 1,343 हो गई। इससे साफ है कि पिछले कुछ दिनों में राहत अभियान का दायरा बढ़ाया गया है।
जनहानि और पशुहानि को लेकर राहत
9 सितंबर को राहत आयुक्त कार्यालय से जारी जानकारी के मुताबिक उस समय तक राज्य सरकार के बाढ़ राहत रिकॉर्ड में जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज थी। हालांकि बाढ़ के दौरान अलग-अलग जिलों में अन्य बारिश संबंधी हादसों की खबरें अलग से सामने आ सकती हैं, इसलिए इस आंकड़े को राज्य के आधिकारिक बाढ़ राहत रिकॉर्ड के संदर्भ में ही लिखना चाहिए।
प्रशासन को लगातार निगरानी के निर्देश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों, राहत शरणालयों, स्वास्थ्य टीमों और खाद्य सामग्री की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।