छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 10 से 13 सितंबर के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
10 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है।
इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है।
11 सितंबर को कई जगह भारी बारिश का अनुमान
10 सितंबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।11 सितंबर को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।इसके बाद 12 और 13 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 9 सितंबर को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने तथा सुरक्षित पक्के स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है।लोगों को पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने और गरज-चमक के दौरान बिजली से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने को कहा गया है।
किसानों के लिए भी अलर्ट
बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि मंडियों और खुले स्थानों पर रखी उपज को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। किसानों को खुले में रखे अनाज और अन्य कृषि उत्पादों को बारिश से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।