उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक बार फिर IIT इंदौर की विशेषज्ञ टीम मंदिर परिसर का तकनीकी निरीक्षण करेगी। टीम ने इससे पहले सोमवार को मंदिर पहुंचकर प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया था। अब गुरुवार को विशेषज्ञ दोबारा मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे।
मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और रील्स वायरल हो रहे हैं। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है।
गुरुवार को दोबारा तकनीकी जांच करेगी IIT इंदौर की टीम
सती गेट के पास स्थित खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पिछले कुछ दिनों से कई तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं। मंदिर को हटाने की कार्रवाई से जुड़े वीडियो भी इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।इसी बीच IIT इंदौर की टीम गुरुवार को एक बार फिर मंदिर पहुंचेगी। विशेषज्ञ मंदिर की प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र से जुड़े तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण करेंगे।
सोशल मीडिया वायरल होने के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़
खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े वीडियो और रील्स वायरल होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले चार दिनों में 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके हैं।मंदिर में आने वाले भक्तों में मध्यप्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से पहुंचे श्रद्धालु भी शामिल हैं।
महाकाल के बाद खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे भक्त
उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान मंदिर भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा बढ़ने के साथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के साथ यहां की मौजूदा स्थिति को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
प्रतिमा को टेंट लगाकर रखा गया सुरक्षित
मंदिर के आसपास चल रही कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया गया है कि मंदिर के आसपास का काफी हिस्सा हटाया जा चुका है।वहीं हनुमानजी की प्रतिमा को फिलहाल टेंट लगाकर सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बढ़ती भीड़ के बीच बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात
मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए परिसर और आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना और मंदिर क्षेत्र में किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति पैदा होने से रोकना है।