नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका को WhatsApp पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और निजी संदेश भेजने के मामले में निलंबित प्रभारी प्राचार्य सुरेश श्रीवास्तव पर विभागीय कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन दंड के तौर पर उनकी एक साल की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोक दी गई है। मामला सितंबर 2025 में नर्मदापुरम के हथवास स्थित सरकारी हाईस्कूल से जुड़ा है। शिकायत के बाद प्रभारी प्राचार्य को निलंबित किया गया था। विभागीय जांच में शिकायत से संबंधित आरोप सही पाए जाने के बाद अब विभाग ने बहाली के साथ दंडात्मक कार्रवाई की है।
शिक्षिका को WhatsApp पर भेजे थे निजी संदेश
शिकायत के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने कार्यालय से एक शिक्षिका को WhatsApp पर निजी और कथित तौर पर अनुचित संदेश भेजे थे। संदेशों में उन्होंने शिक्षिका से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनसे जवाब मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, संदेशों में ‘फूल तुम्हें भेजा है, खत में फूल नहीं मेरा दिल है’ और ‘I Love You’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था।
शिक्षिका ने समझाने की कोशिश की थी
बताया गया कि संदेश मिलने के बाद शिक्षिका ने प्राचार्य को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वे उनके लिए पिता समान हैं, लेकिन इसके बावजूद संदेश भेजे जाने का सिलसिला नहीं रुका। मामला सामने आने के बाद विभाग के पास अन्य शिकायतें भी पहुंचीं। रिपोर्ट के अनुसार, आठ अन्य शिकायतें भी सामने आई थीं, जिसके बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
जांच में आरोप सही पाए गए
शिकायत के बाद विभाग ने प्रभारी प्राचार्य को निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले की विभागीय जांच कराई गई। जांच में शिकायत से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने के बाद संभाग आयुक्त की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अब आदेश के तहत सुरेश श्रीवास्तव को सेवा में बहाल कर दिया गया है, लेकिन उनकी एक वर्ष की वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है।
बहाली के बाद सिंगानामा में होगी पोस्टिंग
बहाली के साथ उनकी नई पदस्थापना भी तय की गई है। आदेश के अनुसार, सुरेश श्रीवास्तव को हाईस्कूल सिंगानामा में प्राचार्य के पद पर भेजने का निर्देश दिया गया है। इस तरह विभाग ने जांच पूरी करने के बाद उन्हें सेवा में वापस तो लिया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि होने पर आर्थिक दंड के रूप में एक इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई की है।
क्या था WhatsApp मैसेज?
शिकायत में सामने आए संदेशों के अनुसार, प्राचार्य ने शिक्षिका से पहले इस बात का जिक्र किया कि उन्होंने उनके लिए कुछ भेजा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने शिक्षिका से अपनी बात किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बताने की अपील की।
आरोपित संदेशों में उन्होंने शिक्षिका से कहा कि उन्हें स्टाफ में सबसे ज्यादा भरोसा उन पर है और फिर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए ‘I Love You’ का संदेश भेजा। उन्होंने शिक्षिका से जवाब ‘Yes’ या ‘No’ में देने के लिए भी कहा था।