मुंबई, 11 सितंबर 2026 | महाराष्ट्र में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़े पैमाने पर बांटे जाने वाले महाप्रसाद, लंगर, भंडारा और सामूहिक भोजन की सुरक्षा को लेकर FDA ने नई व्यवस्था लागू की है। अब ऐसे कार्यक्रमों के आयोजकों को भोजन वितरण से कम से कम सात दिन पहले Food & Drug Grievance Portal के जरिए संबंधित अधिकारी को पूर्व सूचना देनी होगी। FDA का कहना है कि पहले से कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी जोखिम के आधार पर निरीक्षण कर सकेंगे, जरूरत पड़ने पर नमूने ले सकेंगे और गड़बड़ी मिलने पर समय रहते कार्रवाई कर पाएंगे।
महाप्रसाद हो या लंगर, पहले FDA को बताना होगा
नई व्यवस्था उन आयोजनों पर लागू होगी, जहां बड़ी संख्या में लोगों को सामूहिक रूप से भोजन परोसा जाता है। इसमें धार्मिक महाप्रसाद, भंडारा, लंगर, इफ्तार और दूसरे बड़े सामुदायिक भोजन कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। आयोजकों को तय फॉर्म भरकर कार्यक्रम से कम से कम सात दिन पहले जानकारी देनी होगी। FDA ने यह भी साफ किया है कि बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करने और सप्लाई करने के लिए वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन रखने वाले कैटरर और अधिकृत सप्लायर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
त्योहारों पर क्यों सख्त हुआ FDA?
त्योहारी सीजन में मिठाई, दूध, घी, तेल, नमकीन और दूसरे खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ती है। इसी दौरान मिलावट, खराब कच्चे माल और अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार किए जाने का खतरा भी बढ़ सकता है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग ने Festival Enforcement Calendar के जरिए त्योहारों से पहले और दौरान खाद्य सामग्री की सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ाने की रणनीति तैयार की है।
गणेश मंडलों ने किया स्वागत, समय को लेकर चिंता
मुंबई के गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधियों ने इस पहल के उद्देश्य का स्वागत किया है, लेकिन इसे लागू करने के लिए कम समय मिलने पर चिंता भी जताई है। बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा जरूरी है, लेकिन बड़े धार्मिक आयोजनों को नई व्यवस्था अपनाने और व्यवस्थाएं बदलने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
Thane में 11 Food Units पर छापा
इसी बीच FDA ने ठाणे के शिल-दिवा रोड स्थित खारडी गांव के भास्कर कंपाउंड में 11 खाद्य निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की है। इन इकाइयों में वेफर्स, चिवड़ा, फरसाण, नमकीन, भाकरवड़ी और दूसरे खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। FDA ने करीब ₹20.48 लाख मूल्य का कच्चा माल, तैयार खाद्य पदार्थ और खाद्य तेल जब्त किया।
28,955 किलो सामान और 56 लीटर तेल जब्त
FDA की कार्रवाई में कुल 28,955 किलोग्राम ठोस खाद्य सामग्री और कच्चा माल तथा 56 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी कुल कीमत ₹20,48,801.50 बताई गई है। जब्त सामान में आलू वेफर्स, फराली चिवड़ा, मिक्स फरसाण, भाकरवड़ी, केले के चिप्स, मैदा, बेसन और पाम ऑयल जैसी चीजें शामिल थीं।
गंदगी, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। कुछ जगहों पर फर्श बेहद गंदे और चिकनाई से भरे मिले। उत्पादन क्षेत्र खुले या अस्थायी शेड में चल रहे थे और उचित ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं थी। कुछ परिसरों में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी भी दर्ज की गई। कर्मचारियों के एप्रन, ग्लव्स और हेड कवर के बिना काम करने तथा लेबलिंग में भी कमियां मिलीं।
बिना वैध लाइसेंस भी चल रही थीं कुछ यूनिट
FDA की जांच में कुछ इकाइयों के पास आवश्यक वैध Food Licence नहीं होने की बात भी सामने आई है। इन सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि यह लिखना सही नहीं होगा कि ठाणे की सभी 11 यूनिट के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, क्योंकि उपलब्ध आधिकारिक कार्रवाई विवरण में सभी 11 के लिए एक जैसी suspension action की पुष्टि नहीं है।
मुंबई में 6 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड
अलग अभियान में FDA ने मुंबई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन पर छह खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। जांच के दौरान अस्वच्छ किचन, कीटों की मौजूदगी, गलत स्टोरेज और दूसरी गंभीर कमियां सामने आई थीं। हाल के दिनों में ISKCON Juhu से जुड़े तीन food outlets और एक IRCTC-linked base kitchen पर भी FDA ने hygiene violations को लेकर कार्रवाई की है।
त्योहारों में खाना बांटने वालों के लिए क्या जरूरी?
बड़ा भंडारा, लंगर या महाप्रसाद आयोजित करने वाले संगठनों को अब कार्यक्रम की योजना बनाते समय FDA की नई व्यवस्था का भी ध्यान रखना होगा। कार्यक्रम की सूचना कम से कम सात दिन पहले देना, वैध लाइसेंस वाले food operator/caterer का इस्तेमाल करना और कच्चे माल से लेकर तैयार भोजन तक hygiene standards का पालन करना महत्वपूर्ण होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को रोकना नहीं, बल्कि हजारों लोगों तक पहुंचने वाले भोजन को सुरक्षित बनाना है।