Karnataka Government Vande Mataram Order: ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच कर्नाटक सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों के लिए नया नियम तय किया है। राज्य सरकार के 8 सितंबर 2026 के आदेश के मुताबिक सामान्य सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पहले दो पद ही गाए जाएंगे। वहीं राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले विशेष सरकारी कार्यक्रमों में पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने की व्यवस्था की गई है। इस तरह कर्नाटक सरकार ने कार्यक्रम के स्तर और उसमें मौजूद संवैधानिक पदाधिकारियों के आधार पर अलग-अलग प्रोटोकॉल तय किया है।
आम सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ शुरुआती दो पद
कर्नाटक सरकार के नए निर्देश के अनुसार सामान्य राजकीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पदों का ही गायन किया जाएगा। यानी रोजमर्रा के सरकारी समारोहों में पूरे गीत का गायन अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी राज्य स्तरीय सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल मौजूद नहीं हैं, तो वहां निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार गीत के पहले दो पद ही गाए जाएंगे।
राष्ट्रपति-PM समेत संवैधानिक पदों की मौजूदगी में बदलेगा नियम
सरकार ने विशेष कार्यक्रमों के लिए अलग प्रावधान रखा है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पद गाए जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनिधित्व वाले कुछ विशेष कार्यक्रमों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। यानी खास संवैधानिक और राजकीय मौकों पर गीत के पूर्ण संस्करण के गायन का प्रावधान रहेगा।
8 सितंबर को जारी हुआ सरकारी आदेश
कर्नाटक सरकार ने यह निर्देश 8 सितंबर 2026 को जारी किया। आदेश में सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को बजाने और गाने से संबंधित व्यवस्था स्पष्ट की गई है। नई व्यवस्था के जरिए सरकार ने सामान्य और विशेष सरकारी आयोजनों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल निर्धारित किया है।
‘वंदे मातरम’ पर देश में चल रही बहस के बीच फैसला
कर्नाटक सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब ‘वंदे मातरम’ के सभी पदों के गायन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस चल रही है। ऐसे में राज्य सरकार का यह प्रशासनिक आदेश राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ‘वंदे मातरम’ लंबे समय से देश के स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रवाद और राजनीतिक विमर्श से जुड़ा रहा है। इसलिए इसके गायन को लेकर तय किए गए प्रोटोकॉल पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है।
कर्नाटक में अब कब गाया जाएगा पूरा ‘वंदे मातरम’?
सरकारी आदेश के मुताबिक सामान्य कार्यक्रमों में केवल पहले दो पदों का गायन होगा। वहीं राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले विशेष कार्यक्रमों में सभी छह पद गाए जाएंगे। इस फैसले से कर्नाटक में सरकारी आयोजनों के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर प्रोटोकॉल अब पहले से अधिक स्पष्ट हो गया है।