पश्चिम बंगाल: के बहुचर्चित शालबनी जमीन भ्रष्टाचार मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आप्त सहायक (PA) सुमित रॉय को देश की शीर्ष अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सीआईडी (CID) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास से गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए भवानी भवन ले जाया गया।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने खारिज की याचिका
मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ में हुई। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद सुमित रॉय को राहत देने से साफ इनकार कर दिया। पीठ ने अवलोकन करते हुए कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद आरोपी ने जांच में उचित सहयोग नहीं किया। बता दें कि इससे पूर्व ३ अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसे सुमित ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।
एसजी तुषार मेहता का बड़ा दावा: १५ करोड़ का संदिग्ध लेन-देन
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत में गंभीर आरोप रखे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की बात सामने आई है। एसजी ने आरोप लगाया कि शालबनी में सरकारी जमीन का विभिन्न लोगों के नाम पर म्यूटेशन कराकर उसे अवैध रूप से बेचने में सुमित रॉय की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि सुमित ने एक ही दिन में अपने खाते में ७१ लाख रुपये जमा किए थे और अलग-अलग समय पर लगभग 15 करोड़ रुपये बैंक में जमा कराए गए, जिनके बैंक स्लिप जांच अधिकारियों के पास मौजूद हैं।
बचाव पक्ष की दलील: एफआईआर में नाम नहीं, 88 घंटे हुई पूछताछ
दूसरी ओर, सुमित रॉय की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल से अब तक कुल 88 घंटे की लंबी पूछताछ की जा चुकी है और उन्होंने जांच में सहयोग किया है। वकील ने दावा किया कि पूरे मामले में ऐसा एक भी गवाह सामने नहीं आया है जिसने सुमित के खिलाफ बयान दिया हो। उन्होंने यह भी कहा कि मूल प्राथमिकी (FIR) में सुमित का नाम शामिल नहीं है और उनके व्यक्तिगत बैंक खाते से किसी अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत पेश नहीं किए गए हैं।
फैसले के तुरंत बाद सीआईडी और एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। आदेश आते ही जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई की। सीआईडी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सुमित रॉय को अभिषेक बनर्जी के आवास से गिरफ्तार कर भवानी भवन स्थानांतरित कर दिया है, जहां अब उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।