राजस्थान के नगर निकाय चुनाव के नतीजे आने से पहले राजधानी जयपुर में पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशी या निर्वाचित पदाधिकारी राजधानी में विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने लोक शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNSS 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 13 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसके दायरे में नगर निकाय चुनाव में निर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सभी आएंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी नतीजों से पहले जयपुर में पुलिस का बड़ा फैसला
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) राजीव पचार ने यह आदेश जारी किया है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक जयपुर में पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होना है। इसके बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी। अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में परिणाम से लेकर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव तक संवेदनशील अवधि को देखते हुए पुलिस ने पहले ही विजय जुलूस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
क्यों लगाई गई विजय जुलूस पर रोक?
पुलिस आयुक्तालय के मुताबिक यह कदम कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए एहतियाती तौर पर उठाया गया है। चुनाव परिणाम के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच उत्साह बढ़ने की स्थिति में किसी तरह का विवाद न हो, इसी उद्देश्य से सार्वजनिक विजय जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है। जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में प्रतिबंधित अवधि के दौरान किसी भी निर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की ओर से विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।
13 से 25 सितंबर तक लागू रहेगा आदेश
यह निषेधाज्ञा 13 सितंबर से 25 सितंबर तक लागू रहेगी। यानी मतगणना से एक दिन पहले से शुरू होकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
11 सितंबर को जयपुर में 2,256 बूथों पर वोटिंग
जयपुर नगर निगम के दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 551 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मतदान के दौरान 9 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सामान्य मतदान केंद्रों पर दो पुलिसकर्मी और संवेदनशील केंद्रों पर पांच पुलिसकर्मियों की व्यवस्था रहेगी।
प्रचार थमा, अब प्रत्याशियों का डोर-टू-डोर संपर्क
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए बुधवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। इसके साथ ही सार्वजनिक रैली, रोड शो, सभा और अन्य प्रचार गतिविधियों पर रोक लग गई। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगाई। अब सार्वजनिक प्रचार के बजाय डोर-टू-डोर जनसंपर्क पर जोर है। प्रत्याशी और उनके समर्थक व्यक्तिगत संपर्क के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद इन सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी।
दो पारियों में रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
11 सितंबर को होने वाले मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी दो पारियों में की जाएगी। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान दल निर्धारित व्यवस्था के तहत मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। रवानगी से पहले कर्मचारियों को ईवीएम, मतदान सामग्री और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही मतदान प्रक्रिया से संबंधित अंतिम प्रशिक्षण और आवश्यक निर्देश भी दिए जाएंगे।
सीकर रोड से मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी टीमें
प्रशासन ने मतदान दलों की रवानगी के लिए सीकर रोड स्थित भिवानी निकेतन कॉलेज को केंद्र बनाया है। यहां से 2,256 मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियों को भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि सभी मतदान दल समय पर अपने-अपने केंद्रों तक पहुंचें और मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
मानसरोवर में पुलिस का फ्लैग मार्च, संवेदनशील बूथों की जांच
चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए जयपुर साउथ पुलिस ने भी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के नेतृत्व में पुलिस बल ने इलाके में मार्च किया। इस दौरान संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। फ्लैग मार्च के जरिए पुलिस ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी दबाव या डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अब 14 सितंबर के नतीजों पर रहेगी नजर
जयपुर नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 11 सितंबर को होगी और इसके बाद 14 सितंबर को मतगणना की जाएगी। परिणाम सामने आने के साथ ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में जश्न का माहौल बन सकता है, लेकिन पुलिस ने पहले ही विजय जुलूस पर रोक लगा दी है। इसके बाद 21 सितंबर को अध्यक्ष और 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में सितंबर के इन दिनों में जयपुर की कानून-व्यवस्था और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर रहेगी।