कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट के पास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इसके प्रभाव से 10 सितंबर के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, मौजूदा घूर्णावर्त समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने की स्थिति तैयार हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिस्टम बनने के बाद ही इसकी तीव्रता और प्रभाव का दायरा अधिक स्पष्ट हो पाएगा।
दक्षिण बंगाल में फिर बढ़ेगी बारिश
नए मौसमी सिस्टम के असर से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
तेज हवा और वज्रपात का भी अलर्ट
बारिश के साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना समेत कुछ इलाकों में तेज हवाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कोलकाता में कैसा रहेगा मौसम?
कोलकाता में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में शहर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल भारी बारिश की संभावना हर दिन समान नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, नए निम्न दबाव के बनने के बाद परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है।
मछुआरों के लिए भी सावधानी
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम को देखते हुए समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। हवा की गति बढ़ने और समुद्र के अशांत होने की संभावना के चलते मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पूजा से पहले बारिश का दौर बढ़ने के संकेत
दुर्गापूजा से पहले बंगाल में एक बार फिर बारिश बढ़ने की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सिस्टम शुरुआती चरण में है, इसलिए पूजा के दिनों के मौसम को लेकर अभी कोई अंतिम अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में निम्न दबाव की स्थिति और उसकी दिशा के आधार पर बारिश का असर और स्पष्ट होगा।