उज्जैन: सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा अहम मामला सामने आया है। गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आ रही करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद को हटाने के नगर निगम के नोटिस के खिलाफ दायर दोनों याचिकाओं को इंदौर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि, अदालत के फैसले का विस्तृत लिखित आदेश अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में नगर निगम आगे किस प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेगा, इसकी स्थिति विस्तृत आदेश जारी होने के बाद और स्पष्ट होगी।
शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर हुई थीं याचिकाएं
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई मार्गों के चौड़ीकरण की तैयारी चल रही है। इसी योजना के तहत गोपाल मंदिर रोड का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है।
चौड़ीकरण की जद में करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद का स्ट्रक्चर भी आ रहा है। नगर निगम की ओर से मस्जिद को हटाने को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इसी नोटिस के खिलाफ अलग-अलग याचिकाकर्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थीं।
इंदौर हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाएं की खारिज
मामले की सुनवाई इंदौर हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ के समक्ष हुई। अदालत ने दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों याचिकाओं को निरस्त कर दिया।
फिलहाल कोर्ट का विस्तृत और लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि आदेश में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर क्या विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विस्तृत आदेश आने के बाद साफ होगी आगे की कार्रवाई
हाईकोर्ट द्वारा याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद नगर निगम के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अंतिम प्रक्रिया और कार्रवाई का स्वरूप अदालत के विस्तृत आदेश के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
नगर निगम की ओर से सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन इसके लिए न्यायालय के लिखित आदेश और लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण पर जोर
उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर प्रशासन और नगर निगम स्तर पर तैयारियां जारी हैं। श्रद्धालुओं की संभावित बड़ी संख्या को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और प्रमुख मार्गों पर आवागमन बेहतर करने के लिए सड़क चौड़ीकरण सहित कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं। गोपाल मंदिर मार्ग भी इसी योजना का हिस्सा है। अब शाही मस्जिद से जुड़ी दोनों याचिकाएं खारिज होने के बाद इस मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की संभावना है। हालांकि, विस्तृत न्यायिक आदेश आने तक कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।