भिंड, 10 सितंबर 2026 | भिंड जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल 22 सितंबर को लगने वाले विशाल मेले में प्रदेश के साथ दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए दंदरौआ धाम में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला और महामंडलेश्वर महंत श्रीश्री 1008 रामदास महाराज की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई। बैठक में श्रद्धालुओं के दर्शन, सुरक्षा, पेयजल, बिजली, चिकित्सा सुविधा, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं। प्रशासन का फोकस इस बार भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को आसानी से डॉक्टर हनुमान के दर्शन कराने पर है।
22 सितंबर को लगेगा बुढ़वा मंगल का मेला
दंदरौआ धाम का बुढ़वा मंगल मेला मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को आयोजित होगा। बुढ़वा मंगल भाद्रपद माह के अंतिम मंगलवार से जुड़ी धार्मिक परंपरा है और दंदरौआ धाम में इस दिन बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होता है। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां करीब दो सप्ताह पहले से तेज कर दी हैं।
मंत्री राकेश शुक्ला ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने अधिकारियों से कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य मार्गों पर बेहतर व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास के अलग रास्ते, पर्याप्त रोशनी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भीड़ के दौरान किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी विभागों को पहले से तैयारी रखने को कहा गया है।
CCTV से होगी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस बार मेला क्षेत्र में CCTV कैमरों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। कैमरों से प्रमुख रास्तों, मंदिर परिसर और भीड़ वाले स्थानों की लगातार निगरानी की जाएगी। अग्निशमन दल और सफाई कर्मचारियों की भी पर्याप्त संख्या में तैनाती होगी।
मुख्य मंदिर परिसर में नहीं लगेंगी दुकानें
भीड़ नियंत्रण को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर में दुकान या अस्थायी स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य मुख्य मंदिर के आसपास रास्ता खुला रखना है, ताकि श्रद्धालुओं के प्रवेश-दर्शन और बाहर निकलने में परेशानी न हो। रास्तों के आसपास की झाड़ियां हटाने और जरूरी स्थानों पर टेंट, कुर्सियां तथा रोशनी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बड़े LED Screen पर होंगे डॉक्टर हनुमान के दर्शन
मंदिर के मुख्य हिस्से तक नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर बड़ी LED स्क्रीन लगाने की तैयारी है। इन स्क्रीन पर गर्भगृह के दर्शन दिखाए जाएंगे। इससे भारी भीड़ के दौरान मंदिर के भीतर दबाव कम करने और बुजुर्गों समेत दूसरे श्रद्धालुओं को दर्शन कराने में मदद मिलेगी।
तीन मुख्य गेट पर रहेंगी एंबुलेंस
मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने तीनों प्रमुख गेट पर एक-एक एंबुलेंस रखने के निर्देश दिए हैं। अस्थायी चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें महिला डॉक्टरों की विशेष टीम भी मौजूद रहेगी। इसके साथ कंट्रोल रूम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी।
24 घंटे बिजली, Generator का भी रहेगा इंतजाम
मेला अवधि में बिजली सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए अधिकारियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैकअप के तौर पर जनरेटर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा शुद्ध पेयजल के टैंकर, अस्थायी शौचालय और नियमित सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा, एडीएम राजन बी. नाडिया, एसडीएम नवनीत शर्मा, एसडीओपी संजय कौचा, मेहगांव जनपद सीईओ राजीव मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और मंदिर प्रबंधन से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों कहते हैं ‘डॉक्टर हनुमान’?
भिंड जिले की मेहगांव तहसील में स्थित दंदरौआ धाम में भगवान हनुमान के विशेष स्वरूप को श्रद्धालु ‘डॉक्टर हनुमान’ के नाम से पूजते हैं। स्थानीय धार्मिक मान्यता है कि यहां हनुमानजी के सामने रोग से मुक्ति की प्रार्थना करने से भक्तों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इसी आस्था के चलते देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में हनुमानजी की प्रतिमा सखी/नृत्य मुद्रा से भी जुड़ी मानी जाती है। 2026 में World Records India नामक निजी रिकॉर्ड संस्था ने भी दंदरौआ धाम को डॉक्टर और सखी स्वरूप में हनुमानजी की पूजा से जुड़ी विशिष्ट पहचान के लिए सम्मानित किया था।
बुढ़वा मंगल पर उमड़ती है भारी भीड़
दंदरौआ धाम में मंगलवार और शनिवार को सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्त आते हैं, लेकिन बुढ़वा मंगल के दिन श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए प्रशासन अभी से ट्रैफिक प्लान, पार्किंग, बैरिकेडिंग और इमरजेंसी रेस्पॉन्स की तैयारी में जुटा है।