नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशक दोनों कीमती धातुओं में आगे की दिशा तय करने से पहले अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी महंगाई का डेटा 11 सितंबर को जारी होना है, जिसके बाद सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
MCX पर सोने की कीमत में तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अक्टूबर 2026 का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,53,763 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ 1,53,581 रुपये पर खुला हालांकि, कारोबार के दौरान सोने ने तेजी पकड़ी और यह 247 रुपये यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 1,54,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने अब तक 1,53,581 रुपये का निचला स्तर और 1,54,450 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ है।
चांदी में दबाव जारी
दूसरी ओर, MCX पर चांदी में कमजोरी देखने को मिल रही है। 4 दिसंबर 2026 का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,44,213 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,43,292 रुपये पर खुला। फिलहाल चांदी 523 रुपये यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 2,43,690 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर 2,42,726 रुपये और ऊपरी स्तर 2,44,300 रुपये रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत, चांदी कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं का रुख अलग-अलग है। कॉमेक्स पर सोना 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 4,467 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं, चांदी 0.60 फीसदी की गिरावट के साथ 68.2 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजार में फिलहाल सोना और चांदी दोनों सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।
11 सितंबर को आएगा US Inflation Data
सोने और चांदी की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर निवेशकों की सतर्कता है। US Inflation Data 11 सितंबर को जारी किया जाएगा। यह आंकड़ा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाजार इसी आधार पर आगे की रणनीति तय कर सकता है।
महंगाई बढ़ी तो सोने पर पड़ सकता है दबाव
अगर अमेरिका में महंगाई बाजार की उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की संभावना बढ़ सकती है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए दबाव पैदा कर सकता है। इसके विपरीत, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहते हैं तो ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद बढ़ सकती है, जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्र में US Inflation Data, डॉलर इंडेक्स और फेड के ब्याज दर संबंधी संकेत सोने और चांदी की दिशा के लिए अहम रहेंगे।