लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में चल रही अंदरूनी उठापटक के बीच मायावती ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। यह फैसला आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के कुछ ही घंटे बाद सामने आया।
मायावती ने आकाश पर उठाए सवाल
मायावती ने आकाश आनंद के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके लिए निजी और पारिवारिक हित पार्टी तथा बहुजन आंदोलन से ऊपर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में आकाश आनंद संगठन के हित में प्रभावी ढंग से काम कैसे कर पाएंगे। मायावती ने आकाश के कथित तौर पर उनकी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट नहीं करने का भी जिक्र किया।
अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास
आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर पिछले दिनों मायावती ने शर्त रखी थी कि उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को सक्रिय राजनीति से पूरी तरह अलग होना होगा। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने 10 सितंबर को राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बहुजन मिशन और पार्टी के हित में मायावती का निर्देश उनके लिए सर्वोपरि है।
हालांकि, अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी आकाश आनंद को पार्टी में बनाए रखने के बजाय मायावती ने उन्हें पूरी तरह पार्टी से अलग करने का फैसला किया। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के संन्यास को सही कदम बताया, लेकिन इसे काफी देर से उठाया गया फैसला भी बताया।
आकाश के बाद ईशान आनंद पर बढ़ा भरोसा
आकाश आनंद के बाहर होने के बीच मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। ईशान को उत्तर भारत के कई राज्यों से जुड़े संगठनात्मक काम की निगरानी के लिए मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें 15 राज्यों के संगठनात्मक कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
ईशान आनंद की पार्टी में बढ़ती सक्रियता को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे बसपा में नेतृत्व और मायावती के बाद पार्टी की दिशा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
एक्स अकाउंट भी किया सार्वजनिक
ईशान आनंद की सक्रियता के बीच उनका X अकाउंट भी सार्वजनिक चर्चा में आया है। उन्होंने मायावती के समर्थन में सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसे पार्टी में उनकी बढ़ती भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बसपा में नेतृत्व को लेकर नई चर्चा
आकाश आनंद को एक समय मायावती के संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय में उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाए जाने और अब पूरी तरह बाहर किए जाने से बसपा के भीतर नेतृत्व को लेकर तस्वीर बदलती नजर आ रही है। वहीं, ईशान आनंद को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने से मायावती के अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजरें टिक गई हैं।