ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। साउथ जोन के खिलाफ चेन्नई में खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ टीम ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
फाइनल में ईशान किशन का बल्ला जमकर बोला
ईस्ट जोन की इस जीत में कप्तान ईशान किशन की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने पहली पारी में 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इसके बाद दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन बनाए। इस तरह उन्होंने पूरे मैच में कुल 350 रन बनाए।
ईशान की शानदार बल्लेबाजी के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की निर्णायक बढ़त हासिल हुई।

13 साल बाद ईस्ट जोन ने जीती ट्रॉफी
फाइनल मैच के पांच दिन पूरे होने के बाद भी मुकाबले का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन दलीप ट्रॉफी के नियमों के मुताबिक पहली पारी में बढ़त बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया। ईस्ट जोन ने इसी बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया। टीम ने इससे पहले 2012-13 में यह ट्रॉफी जीती थी।
कप्तानी पर ईशान का आत्मविश्वास
खिताब जीतने के बाद ईशान किशन ने अपनी कप्तानी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने अपने नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि “मैं बहुत अच्छा कप्तान हूं।” ईशान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके प्रदर्शन और टीम इंडिया में वापसी को लेकर लगातार चर्चा चल रही है।

ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने के साथ ईशान ने यह भी दिखाया कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज या विकेटकीपर के तौर पर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने में भी सक्षम हैं। फाइनल में उनकी कप्तानी और 350 रनों का प्रदर्शन इस जीत की सबसे बड़ी वजहों में रहा।
चयनकर्ताओं को भी मिला मजबूत संदेश
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईशान की 270 रनों की पारी और फिर दूसरी पारी में 80 रन उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद अहम रहे। एक ही मैच में 350 रन बनाकर उन्होंने दलीप ट्रॉफी के एक मैच में सर्वाधिक रन बनाने के पुराने रिकॉर्ड की बराबरी की।

टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे ईशान के लिए यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने अपना दावा मजबूत करने का बड़ा मौका है। खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर उनके टेस्ट क्रिकेट के इरादों को चर्चा में ला दिया है।
ईस्ट जोन की खिताबी जीत के साथ ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 को अपने लिए यादगार बना दिया। अब नजर इस बात पर होगी कि घरेलू क्रिकेट में उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय चयनकर्ता उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका कब देते हैं।