भोपाल, 11 सितंबर 2026 | मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से जनसेवा और ग्रामीण संपत्ति अधिकार से जुड़े दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान और सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी कलेक्टरों को इन्हें केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी से इन अभियानों को उत्सव का रूप दिया जाए। दोनों अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाएंगे। स्वामित्व अभियान के जरिए ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने पर फोकस होगा, जबकि सेवा संकल्प अभियान में सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के साथ जनभागीदारी की अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों को मिलेगी मुफ्त रजिस्ट्री
स्वामित्व अधिकार अभिलेख अभियान ग्रामीण परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसके जरिए प्रदेश के 50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों की संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर उन्हें राजस्व विभाग के माध्यम से पंजीकृत दस्तावेज दिए जाएंगे। योजना के तहत स्वामित्व अधिकार अभिलेख का Deed of Conveyance और Registration बिना स्टाम्प शुल्क व अन्य संबंधित पंजीयन भार के किया जाना है। इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इससे ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति को कानूनी और आर्थिक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे।
68.47 लाख अधिकार अभिलेख हो चुके तैयार
मध्यप्रदेश विधानसभा में जुलाई 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के मुताबिक प्रदेश में करीब 41,586 आबादी ग्राम स्वामित्व योजना के दायरे में हैं। इनमें से 40,855 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके थे। इनमें लगभग 48.57 लाख निजी और 19.89 लाख शासकीय संपत्तियों के अधिकार अभिलेख शामिल थे। इसलिए “68.47 लाख लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री” लिखना सही नहीं होगा। मुफ्त पंजीयन का वास्तविक लाभ निजी संपत्ति वाले पात्र हितग्राहियों को मिलेगा।
जमीन के कागज मिलने से बैंक लोन लेना होगा आसान
स्वामित्व योजना का उद्देश्य केवल संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार करना नहीं है। पंजीकृत दस्तावेज मिलने के बाद ग्रामीण अपनी संपत्ति को आर्थिक परिसंपत्ति के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार के मुताबिक इससे मकान निर्माण, कारोबार, स्वरोजगार और दूसरी जरूरतों के लिए बैंक से कर्ज लेने में मदद मिल सकती है। साथ ही संपत्ति संबंधी विवाद कम करने और गांवों में भूमि रिकॉर्ड को ज्यादा स्पष्ट बनाने में भी सहायता मिलेगी।
17 सितंबर शाम 7 बजे जलेंगे 58 लाख ‘आशीर्वाद के दीप’
सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से ज्यादा दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इन दीपों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ा जाएगा। लाभार्थी परिवारों के घरों के साथ प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी दीपोत्सव की तैयारी की जा रही है।
महाकाल लोक में भी होगा भव्य दीपोत्सव
उज्जैन का श्री महाकाल लोक इस अभियान के प्रमुख केंद्रों में रहेगा। मुख्यमंत्री पहले ही अधिकारियों को महाकाल लोक में बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन और विशेष कार्यक्रम की तैयारी करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके साथ उन स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण या भूमिपूजन किया है।
13 तरह की गतिविधियों से जुड़ेगा आम आदमी
सेवा संकल्प अभियान केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत 13 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, बच्चों और युवाओं से जुड़े कार्यक्रम, जनकल्याण योजनाओं से जिंदगी में आए बदलाव की कहानियां, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार, रंगोली राष्ट्र, National Innovation Challenge और जनसेवक महाकुंभ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों में मौके पर मिलेगा लाभ
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ रहेगा। इसके तहत विकासखंड और विधानसभा स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लोगों के आवेदन लिए जाएंगे, दस्तावेजों की जांच होगी और जहां संभव होगा वहीं योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य ऐसे पात्र लोगों की पहचान करना है, जो किसी वजह से अब तक योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं।
स्कूल से Hackathon तक युवाओं की भागीदारी
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को भी जोड़ने की तैयारी है। स्कूलों में चित्रकला, भाषण और दूसरी प्रतियोगिताओं के साथ सामाजिक सेवा, स्वच्छता, डिजिटल जागरूकता और innovation से जुड़े कार्यक्रम होंगे। National Innovation Challenge के जरिए युवाओं और स्टार्टअप को अपने नए आइडिया सामने रखने का अवसर भी दिया जाएगा।
कलेक्टरों को दो दिन में Micro Planning के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से दोनों अभियानों की माइक्रो प्लानिंग दो दिन में पूरी करने को कहा है। स्वामित्व अभियान की जिम्मेदारी जिला स्तर पर कलेक्टर स्वयं संभालेंगे। इसके साथ नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे ताकि अभियान की रोजाना मॉनिटरिंग की जा सके।
17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा। इसके समापन पर ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। सरकार की कोशिश है कि इस एक महीने में जनकल्याण योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ ग्रामीण संपत्ति अधिकार, सेवा, स्वच्छता, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ा जाए।