भोपाल/सागर, 11 सितंबर 2026 | सागर जहरीली शराब कांड में मध्यप्रदेश सरकार ने कार्रवाई और तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बीच पुलिस ने मामले में फरार चल रहे ₹20 हजार के इनामी आरोपी रवि लखेरा को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि सागर की घटना बेहद दुखद है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को कठोर कार्रवाई के लिए फ्री हैंड देने की बात कही है। साथ ही पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं।
CM मोहन बोले- किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है, जिनमें आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक का प्रावधान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन को अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ अतिक्रमण हटाने सहित कानून के दायरे में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
20 हजार का इनामी था रवि लखेरा
पुलिस ने रवि लखेरा और बरेठी शराब दुकान से जुड़े मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर की गिरफ्तारी पर ₹20-20 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच में आरोप है कि मनीष लोधी रवि लखेरा के संपर्क में था और नकली शराब बनाने का तरीका तथा सप्लाई नेटवर्क उससे जुड़ा हुआ था। शुक्रवार को सामने आई ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने रवि लखेरा को घेरने की कोशिश की। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
CM ने पुलिस की कार्रवाई पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता दिखाई है और सरकार का संदेश साफ है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने राज्य में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान जारी रखने की बात भी कही है।
खेत में तैयार की गई थी नकली शराब
पुलिस जांच में सामने आया है कि जन्माष्टमी से दो दिन पहले ततरवारा गांव के एक मक्का खेत में कथित तौर पर करीब 50 पेटी नकली ‘सागर गोल्ड’ शराब तैयार की गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब को असली ब्रांड जैसा दिखाने के लिए नकली लेबल, ढक्कन और QR Code का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद इसे ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किया गया।
कई आरोपी गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की तलाश
सागर पुलिस ने इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फरार लोगों की तलाश जारी है। पुलिस की जांच में शराब तैयार करने, पैकिंग, लाइसेंसी दुकान और ग्रामीण सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई स्तर सामने आए हैं। पहले की पुलिस ब्रीफिंग में चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत को स्थानीय नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया गया, जबकि रवि लखेरा को अंतरराज्यीय तस्करी और नकली शराब बनाने की तकनीक से जुड़ा अहम आरोपी बताया गया।
आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर भी चला बुलडोजर
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू की। बंडा क्षेत्र में चंद्रभान सिंह राजपूत, आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े कथित अवैध निर्माणों के हिस्से गिराए गए। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई वैधानिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
न्यायिक जांच के भी आदेश
मुख्यमंत्री ने पूरे सागर जहरीली शराब प्रकरण की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जांच की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान को दी गई है। जांच में शराब के निर्माण, पैकिंग, सप्लाई नेटवर्क और प्रशासनिक स्तर पर संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी।
मौतों के आंकड़े पर अभी सावधानी जरूरी
सागर शराब कांड में मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में संख्या 28 से 32 तक बताई गई है, जबकि कुछ सरकारी/प्रशासनिक अपडेट में कम संख्या की पुष्टि हुई है। इसलिए जब तक प्रशासन का नवीनतम आधिकारिक death bulletin सामने न आए, हेडलाइन में किसी एक संख्या को अंतिम तथ्य के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा।
CM मोहन का संदेश- अवैध शराब पर पूरे प्रदेश में कार्रवाई
सागर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने केवल जिले तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने के संकेत दिए हैं। राज्यभर में अवैध और नकली शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का फोकस सप्लाई नेटवर्क, अवैध निर्माण, लाइसेंसी दुकानों की भूमिका और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही की जांच पर है।