छत्तीसगढ़ की राजनीति में अभी से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित तीजा-पोला कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ली। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। गुरु ढाल दास साहेब के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर प्रदेश की सियासत में इसे खास घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
मंत्री के भाई ने ही क्यों चुनी कांग्रेस? छत्तीसगढ़ में शुरू हुई नई सियासी चर्चा
गुरु ढाल दास साहेब के कांग्रेस में शामिल होने की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि वे प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई हैं। ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव में अभी करीब दो साल का वक्त बाकी है, परिवार के एक सदस्य का सत्तारूढ़ दल से अलग विपक्षी कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
भूपेश बघेल ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित तीजा-पोला कार्यक्रम के दौरान गुरु ढाल दास साहेब ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर बघेल ने उनका पार्टी में स्वागत किया। भूपेश बघेल ने कहा कि गुरु ढाल दास साहेब के कांग्रेस में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और कांग्रेस अपने सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस में आते ही बोले- हमारा परिवार पहले भी पार्टी में रहा है
कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद गुरु ढाल दास साहेब ने कहा कि उनका परिवार पहले भी कांग्रेस के साथ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस में प्रवेश किया है और अब जनता के हित में काम करेंगे। उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस में शामिल होने के पीछे उन्होंने अपने परिवार की पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी एक अहम संदर्भ के तौर पर सामने रखा है।
विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ने लगी सियासी हलचल
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी करीब दो साल दूर है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही हैं। ऐसे में कैबिनेट मंत्री के बड़े भाई का कांग्रेस में शामिल होना आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं का नया मुद्दा बन सकता है। अब देखना होगा कि गुरु ढाल दास साहेब के कांग्रेस में आने से पार्टी को जमीनी स्तर पर कितना फायदा मिलता है और सत्तारूढ़ खेमे की ओर से इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।