Stock Market Crash: शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई दिग्गज शेयर 3 फीसदी तक टूट गए। बाजार में आई इस कमजोरी के बीच निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹5 लाख करोड़ की कमी आने की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार के कारोबार में खास तौर पर मेटल सेक्टर में बिकवाली का दबाव नजर आया। बाजार के कई प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, 700 अंक तक टूटा बाजार
कारोबार के दौरान निफ्टी करीब 230 अंक यानी 1 फीसदी की गिरावट के साथ 23,255 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, BSE सेंसेक्स 637 अंक यानी 0.87 फीसदी गिरकर 74,265.32 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में बिकवाली का असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया। कई हैवीवेट स्टॉक्स में कमजोरी आने से प्रमुख इंडेक्स पर दबाव और बढ़ गया।
BSE के टॉप-30 शेयरों में सिर्फ 8 में तेजी
BSE के सेंसेक्स में शामिल टॉप-30 कंपनियों के शेयरों की तस्वीर देखें तो बाजार की कमजोरी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। 30 में से सिर्फ 8 शेयर मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि बाकी 22 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयर 2 फीसदी से ज्यादा नीचे रहे। इसके अलावा L&T, HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख हैवीवेट शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। इन बड़े शेयरों में कमजोरी का सीधा असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा।
मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव
शुक्रवार के कारोबार में मेटल सेक्टर खास तौर पर दबाव में नजर आया। इस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार की गिरावट को और बल मिला। टाटा स्टील जैसे प्रमुख मेटल स्टॉक में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा। बाजार में चौतरफा कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर अब आगे की कारोबारी दिशा पर बनी हुई है।
BSE मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ घटा
शेयर बाजार में गिरावट का असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, BSE का मार्केट कैप करीब ₹483 लाख करोड़ से घटकर ₹478 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया। यानी बाजार पूंजीकरण में लगभग ₹5 लाख करोड़ की कमी आई। यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी, क्योंकि एक ही कारोबारी सत्र में बाजार की कुल संपत्ति में इतना बड़ा बदलाव देखने को मिला।
120 शेयर लोअर सर्किट में, 117 स्टॉक 52-वीक लो पर
बाजार में बिकवाली का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। शुक्रवार को BSE के 120 शेयर लोअर सर्किट में पहुंच गए, जबकि 70 शेयर अपर सर्किट पर कारोबार करते दिखे। इसके अलावा 117 शेयर अपने 52-वीक के निचले स्तर तक पहुंच गए। वहीं, 68 शेयर ऐसे रहे जिन्होंने 52-वीक का उच्च स्तर छुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि शुक्रवार को बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों में मजबूती भी बनी रही, लेकिन व्यापक बाजार का रुख कमजोर रहा।
निवेशकों के लिए शुक्रवार का सत्र क्यों रहा अहम?
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, हैवीवेट शेयरों में बिकवाली और बाजार पूंजीकरण में करीब ₹5 लाख करोड़ की कमी ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र को खास बना दिया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार इस गिरावट से कितना संभलता है और प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव जारी रहता है या बाजार में रिकवरी देखने को मिलती है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह खबर केवल बाजार में हुई गतिविधियों की जानकारी के लिए है, इसे निवेश सलाह न माना जाए।