उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ माह के दौरान आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर में इस दौरान 1 करोड़ 88 लाख 53 हजार 747 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ लिया।
श्रावण-भादौ के पवित्र माह में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 1,34,58,747 श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। वहीं, भगवान महाकाल की सवारियों और श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन के लिए भी करीब 53,95,000 श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे।
महाकाल की सवारियों में उमड़ा भक्तों का सैलाब
श्रावण-भादौ माह में बाबा महाकाल की सवारियां धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहती हैं। सवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन और उनकी झांकी के साक्षी बनने के लिए उज्जैन पहुंचे। इसी दौरान श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी। इन दोनों आंकड़ों को मिलाने पर श्रावण-भादौ की पूरी अवधि में 1.88 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है।
शीघ्र दर्शन व्यवस्था से करीब ₹18 करोड़ की आय
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में शीघ्र दर्शन व्यवस्था भी संचालित की गई थी। इसके तहत श्रावण-भादौ माह में मंदिर को ₹17,98,61,750 की आय प्राप्त हुई। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन के लिए दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती रही। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
महाकाल लड्डू प्रसादी की भी रही जबरदस्त मांग
बाबा महाकाल के दर्शन के साथ मंदिर की लड्डू प्रसादी के प्रति भी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिली। श्रावण-भादौ माह के दौरान 2760.139 क्विंटल महाकाल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई। इससे मंदिर को ₹13,06,20,500 की राशि प्राप्त हुई। बड़ी मात्रा में प्रसादी की बिक्री से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच महाकाल लड्डू प्रसादी की कितनी मांग रही।
श्रावण-भादौ बना आस्था और व्यवस्था का बड़ा अवसर
श्रावण और भादौ का समय भगवान महाकाल की आराधना के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण हर साल इस अवधि में उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इस बार भी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। दर्शन, सवारी और प्रसादी से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि श्रावण-भादौ 2026 में महाकाल मंदिर में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालु गतिविधियों का बड़ा विस्तार देखने को मिला।
महाकाल मंदिर के श्रावण-भादौ के प्रमुख आंकड़े
- दर्शन करने वाले श्रद्धालु: 1,34,58,747
- सवारी और नागचंद्रेश्वर दर्शन: करीब 53,95,000
- कुल श्रद्धालु: 1,88,53,747 से अधिक
- शीघ्र दर्शन से आय: ₹17,98,61,750
- लड्डू प्रसादी की बिक्री: 2760.139 क्विंटल
- लड्डू प्रसादी से आय: ₹13,06,20,500
- अवधि: 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026