नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा मंत्रालय की कमान चार अलग-अलग नेताओं ने संभाली, लेकिन इनमें से कोई भी अपने एकल पांच वर्षीय कार्यकाल को पूरा नहीं कर सका। इन नामों में स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल 'निशंक' और हाल ही में इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं।
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान सबसे लंबे समय तक शिक्षा मंत्री रहे, लेकिन उनका कार्यकाल दो लोकसभा कार्यकालों के बीच फैला रहा और वह भी पांच साल का एक पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।
स्मृति ईरानी से हुई शुरुआत
साल 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) की जिम्मेदारी सौंपी थी।स्मृति ईरानी ने मई 2014 से जुलाई 2016 तक मंत्रालय संभाला। करीब दो वर्ष एक महीने बाद उन्हें मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान इस पद से हटा दिया गया।
प्रकाश जावड़ेकर ने संभाली जिम्मेदारी
स्मृति ईरानी के बाद जुलाई 2016 में प्रकाश जावड़ेकर को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया। उन्होंने लगभग तीन वर्षों तक इस मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई।मई 2019 में दूसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें इस मंत्रालय से हटाकर नई जिम्मेदारी दी गई।
रमेश पोखरियाल 'निशंक' का दो साल का कार्यकाल
मई 2019 में रमेश पोखरियाल 'निशंक' को शिक्षा मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल के दौरान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू की गई, जिसे सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। हालांकि, जुलाई 2021 में हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा। उनका कार्यकाल लगभग दो वर्ष एक महीने का रहा।
धर्मेंद्र प्रधान सबसे लंबे समय तक रहे शिक्षा मंत्री
जुलाई 2021 में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने लगातार पांच वर्षों से अधिक समय तक मंत्रालय का नेतृत्व किया और मोदी सरकार के 12 वर्षों में सबसे लंबे समय तक शिक्षा मंत्री रहने वाले नेता बने। हाल ही में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके साथ उनका नाम भी उन शिक्षा मंत्रियों की सूची में शामिल हो गया जो अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।
शिक्षा मंत्रियों का कार्यकाल एक नजर में
स्मृति ईरानी: मई 2014 – जुलाई 2016 (करीब 2 वर्ष 1 माह)
प्रकाश जावड़ेकर: जुलाई 2016 – मई 2019 (करीब 3 वर्ष)
रमेश पोखरियाल 'निशंक': मई 2019 – जुलाई 2021 (करीब 2 वर्ष 1 माह)
धर्मेंद्र प्रधान: जुलाई 2021 – जुलाई 2026 (5 वर्ष से अधिक)
लगातार बदलाव पर उठते रहे सवाल
बीते 12 वर्षों में शिक्षा मंत्रालय में लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना रहा है कि मंत्रिमंडल में बदलाव प्रशासनिक जरूरतों और कार्यकुशलता को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किस नए चेहरे को सौंपी जाती है और वह देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
