देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के संयुक्त प्रभाव से देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी है। गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में भी मौसम खराब बना हुआ है।हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अब तक देशभर में इस मानसून सीजन की कुल वर्षा सामान्य से लगभग 16.1 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, लेकिन आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है।
गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, शहरी क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। कई स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना है।
31 जुलाई तक उत्तर भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत में 31 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।इसके अलावा पंजाब सहित आसपास के राज्यों में भी तेज बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है।
असम में बाढ़ से हालात गंभीर
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 7 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। राज्य प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 134 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश, बादल फटने की घटनाओं और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 134 सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है।मौसम विभाग ने चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
बिहार के 17 जिलों में यलो अलर्ट
बिहार में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।प्रशासन ने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली गिरने की आशंका वाले समय में खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
कई राज्यों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिससे पूर्वी, पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार वर्षा के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग की लोगों को सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों के लिए कई जरूरी सलाह जारी की हैं
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें।
गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें।
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई राज्यों में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। ऐसे में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं जैसी मौसम संबंधी घटनाओं को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।