आगरा - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा दौरे के दौरान 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले प्रदेश में परिवारवाद और भ्रष्टाचार हावी था। उन्होंने आरोप लगाया कि "चाचा-भतीजे की जोड़ी भ्रष्टाचार में लिप्त थी" और सरकारी नौकरियों से लेकर विकास योजनाओं तक जनता के हितों की अनदेखी की जाती थी।
सपा पर साधा निशाना, पारदर्शी भर्ती का किया दावा
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले "सैफई नौकरी खा जाता था", जबकि अब पारदर्शी व्यवस्था के तहत योग्य युवाओं को बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि 2022 और 2024 में जनता ने भाजपा को लगातार समर्थन देकर विकास की राजनीति पर भरोसा जताया है।
53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
सीएम योगी ने बताया कि तीन महीने पहले करीब ₹6,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के बाद अब 53 नई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि 468 लंबित औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मामलों का समाधान कर निवेश और रोजगार को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही आगरा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।
किसानों और पर्यटन को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में स्थापित होने वाला इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर आधुनिक कृषि अनुसंधान का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे किसानों को बेहतर बीज, नई तकनीक और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर बन रहा संग्रहालय इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैलाश मंदिर, गुरु का ताल और 500 बेड के महिला अस्पताल सहित कई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है।
बच्चों संग दिखा सीएम का स्नेह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और कई बच्चों को गोद में लेकर उन्हें अपने हाथों से पहला निवाला खिलाया। इस दौरान एक मासूम बच्चा मुख्यमंत्री की गोद छोड़कर अपनी मां के पास जाने को तैयार नहीं हुआ, जिसका भावुक दृश्य चर्चा का विषय बन गया।
शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग के 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की मुफ्त कैशलेस उपचार सुविधा मिलेगी।