भोपाल: मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य की मोहन सरकार ने बिजली क्षेत्र में बड़े स्तर पर भर्ती करने का फैसला लिया है। सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों, पावर मैनेजमेंट कंपनियों और पावर जनरेटिंग कंपनियों में कुल 50 हजार पदों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से जहां हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
50 हजार पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही थी। इसे देखते हुए सरकार ने 50 हजार नए पदों को मंजूरी दी है। यह फैसला बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से बिजली आपूर्ति, रखरखाव और तकनीकी कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही विभागों में कार्य का दबाव भी कम होगा।
35 हजार पदों पर सीधी भर्ती, 15 हजार को मिलेगा प्रमोशन
स्वीकृत पदों में से 35 हजार पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार पाने का मौका मिलेगा। वहीं 15 हजार पदों को पदोन्नति के जरिए भरा जाएगा, जिससे विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार ने संबंधित कंपनियों और विभागों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जा सके।
पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
नई भर्तियों का सीधा लाभ प्रदेश के करीब पौने दो करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से शिकायतों का तेजी से समाधान होगा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा। इसके अलावा तकनीकी खामियों को दूर करने और रखरखाव कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने में भी मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
एक साल में 2 हजार से ज्यादा पदों पर हो चुकी भर्ती
ऊर्जा विभाग के अनुसार बीते एक वर्ष में बिजली कंपनियों ने 2 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की है। अब शेष रिक्त पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी पद एक साथ भरने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से भर्ती करने का निर्णय लिया गया है ताकि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होते रहें। इससे विभागीय संरचना भी संतुलित बनी रहेगी।
विद्युत नियामक आयोग को जल्द मिलेगा नया चेयरमैन
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार जुलाई के अंत तक आयोग को नया अध्यक्ष मिल सकता है। इसके लिए सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया है। इच्छुक उम्मीदवार 19 जून तक आवेदन कर सकते हैं। समिति योग्य उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम नियुक्ति की जाएगी।
सरकार ने बताया क्यों नहीं भरे जाएंगे सभी पद एक साथ
सरकार का कहना है कि यदि सभी पद एक साथ भर दिए जाएं तो भविष्य में 30 से 50 साल बाद बड़ी संख्या में पद एक साथ खाली होने की स्थिति बन सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियों के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो सकते हैं। यही वजह है कि सरकार चरणबद्ध भर्ती मॉडल पर काम कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे विभागों में निरंतरता बनी रहेगी और उपभोक्ता सेवाओं पर भी कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।