नई दिल्ली - लोकसभा के मानसून सत्र के सातवें दिन परीक्षा सुधार और पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल नए कानून और समितियां बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को अपनी सोच और व्यवस्था बदलनी होगी।
'PM कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें'
प्रियंका गांधी ने कहा कि वर्ष 2024 में कानून बनने के बावजूद अब तक पेपर लीक के किसी आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की पहचान सार्वजनिक की जा रही है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "कैमरे का एंगल बदलने से नहीं, दिल का एंगल बदलने से बदलाव आएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग के आरोपों पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि ऐसी कार्रवाई का आदेश किसने दिया और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को न्याय, पारदर्शिता और सम्मान मिलना चाहिए।
सदन में हुआ हंगामा
चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी की कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। भाजपा सांसदों ने उनके आरोपों के प्रमाण मांगे, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कुछ टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से चर्चा को केवल विधेयक तक सीमित रखने की अपील की।