MP Weather 28 July 2026: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है, जबकि कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हो रही। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अनूपपुर, कटनी और मंडला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
प्रदेश में अब भी सामान्य से 17% कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 28 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश में औसतन 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 18 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे में कटनी जिले के बिल्हारी में सबसे अधिक 143 मिमी (5 इंच से ज्यादा) बारिश रिकॉर्ड की गई।
क्यों बढ़ी बारिश?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन के पश्चिम और उत्तर दिशा की ओर बढ़ने से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसका असर अगले पांच दिनों तक बना रहने की संभावना है।
28 जुलाई: इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश)
अनूपपुर
कटनी
मंडला
भारी बारिश की चेतावनी
रायसेन
नर्मदापुरम
बैतूल
सतना
शहडोल
उमरिया
डिंडोरी
सिवनी
बालाघाट
इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाएं
भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
| तारीख | प्रमुख अलर्ट वाले जिले |
|---|---|
| 29 जुलाई | बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी में अति भारी बारिश |
| 30 जुलाई | हरदा, धार, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, देवास में अति भारी बारिश |
| 31 जुलाई | झाबुआ, धार और रतलाम में अति भारी बारिश |
| 1 अगस्त | राजगढ़, अलीराजपुर, गुना और अशोकनगर में भारी बारिश की संभावना |
मौसम विभाग की सलाह
नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकें।
किसानों को मौसम की जानकारी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।