कोलकाता: पश्चिम बंगाल के न्यू टाउन में आयोजित गणेश पूजा के उद्घाटन समारोह में पहुंचे CM सुवेंदु अधिकारी ने देश के विभाजन और बंगाल के इतिहास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उस दौर में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद महाराज ने संघर्ष नहीं किया होता और बंगाल भारत का हिस्सा नहीं रहता, तो आज यहां के बंगाली हिंदुओं की स्थिति भी बांग्लादेश में जेलबंद संत चिन्मय कृष्ण दास जैसी होती।
संत चिन्मय कृष्ण दास के आंसुओं का किया जिक्र
बांग्लादेश में जेलबंद संत चिन्मय कृष्ण दास को उनकी मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मिली पैरोल का जिक्र करते हुए Suvendu Adhikari ने कहा कि चिन्मय प्रभु के आंसुओं ने दुनिया भर के सनातनियों को भावुक कर दिया।उन्होंने अपने परिवार के विभाजन से जुड़े दर्द को भी साझा किया। CM सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंदू होने के कारण उनकी मां को अपने पिता का हाथ पकड़कर बारीसाल से शरणार्थी के रूप में भागना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के योगदान को भुलाने की कोशिश करते हैं।
CPM और ISF ने किया पलटवार
सुवेंदु अधिकारी के बयान पर CPM नेता कलतान दासगुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वामपंथी सीमाओं से परे जाकर बहुसंख्यकवाद का विरोध और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का समर्थन करते हैं। उन्होंने भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए उमर खालिद और दिवंगत स्टेन स्वामी का भी जिक्र किया।वहीं, ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि दक्षिण एशिया में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा अपराध बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी होने के बावजूद संत चिन्मय कृष्ण दास के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए था।
बागेश्वर बाबा के बयान पर भी बोले CM सुवेंदु अधिकारी
हावड़ा के लिलुआ में बागेश्वर बाबा यानी धीरेंद्र शास्त्री के मांसाहार को लेकर दिए गए बयान और उसके बाद हुए विवाद पर भी CM सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में शाक्त और वैष्णव दोनों परंपराएं हैं और खान-पान व्यक्ति की निजी पसंद का विषय है।हालांकि, उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बंगाल में किसी भी साधु-संत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने अतीत में बांग्लादेशी वक्ताओं के कथित भड़काऊ बयानों का जिक्र करते हुए सांस्कृतिक जागरण और परंपराओं की रक्षा पर जोर दिया।