BRICS समिट के आखिरी दिन आज कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के पहले दिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल BRICS देशों के लिए कोई साझा करेंसी बनाने का प्रस्ताव नहीं है।हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि BRICS के सदस्य देशों के बीच स्थानीय करेंसी में आपसी व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर बातचीत चल रही है।
इस पहल का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और लेनदेन की लागत को कम करना है। यानी साझा मुद्रा की जगह फिलहाल अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर फोकस है।
आज BRICS समिट का आखिरी दिन
BRICS समिट का आज आखिरी दिन है। इस दौरान ओपन मीटिंग आयोजित होगी, जिसमें BRICS सदस्य देशों के नेता और आमंत्रित देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे।बैठक में BRICS के भविष्य, वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।ओपन मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में आपसी संबंधों और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।
नई दिल्ली डेक्लेरेशन को मिली मंजूरी
BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लेरेशन को मंजूरी दी। इसके जरिए कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों ने साझा रुख सामने रखा।घोषणापत्र में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई और आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
आतंकी फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों पर सख्ती
BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने पर जोर दिया। आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी सामने आई।यह रुख ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और क्षेत्र के अलग-अलग देशों के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
PM मोदी के बयान की 5 बड़ी बातें
1. अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा
PM मोदी ने BRICS के अगले 20 वर्षों के लिए नया एजेंडा तैयार करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही फैसलों को जमीन पर लागू करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
2. ग्लोबल साउथ की नियम बनाने में भागीदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के नियम तय करने में ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों की बराबर भागीदारी होनी चाहिए।
3. युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर
PM मोदी ने युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत तथा कानून से जुड़ी ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य भविष्य के वैश्विक नेतृत्व के लिए युवाओं को तैयार करना है।
4. नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने मुसीबत में फंसे नाविकों की मदद के लिए देशों के बीच इमरजेंसी नेटवर्क बनाने की बात कही। इसके जरिए जरूरत पड़ने पर नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने में मदद मिल सकेगी।
5. ‘भविष्य सबका, फैसला भी सबका’
PM मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में सभी देशों की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि अगर दुनिया का भविष्य साझा है, तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए।
BRICS में आर्थिक सहयोग के साथ बढ़ रहा सुरक्षा एजेंडा
नई दिल्ली डेक्लेरेशन और समिट में हुई चर्चाओं से BRICS का एजेंडा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। स्थानीय करेंसी में व्यापार को बढ़ावा देने के साथ आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सदस्य देशों का साझा रुख सामने आया है।अब समिट के आखिरी दिन होने वाली बैठकों पर नजर रहेगी, खासकर PM मोदी की चार वर्ल्ड लीडर्स के साथ होने वाली द्विपक्षीय बातचीत पर।