छत्तीसगढ़ में तीजा और गणेश चतुर्थी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के बीच रेलवे के तकनीकी कार्य का असर यात्रियों की यात्रा व्यवस्था पर पड़ने वाला है। उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाना है।इसी के चलते 13 और 14 सितंबर को कोरबा, बिलासपुर, गेवरा रोड और रायपुर से जुड़ी कई लोकल ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। कुल 7 मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी।
13 सितंबर को ये 5 ट्रेनें रहेंगी रद्द
13 सितंबर को बिलासपुर, गेवरा रोड, रायपुर और कोरबा रूट की पांच यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी।
68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
68719 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर
58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर
68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
इनमें कोरबा-रायपुर पैसेंजर का रद्द होना यात्रियों के लिए खासा महत्वपूर्ण है, क्योंकि नियमित रूप से नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए रायपुर आने-जाने वाले यात्री इस ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं।
14 सितंबर को भी दो ट्रेनें कैंसिल
14 सितंबर को भी दो यात्री ट्रेनें रद्द रहेंगी।
58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर
68745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर
खास बात यह है कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व है। वहीं तीजा पर्व के कारण भी बड़ी संख्या में महिलाओं और परिवारों के आवागमन की संभावना रहती है। ऐसे समय में लोकल ट्रेनों के रद्द होने से वैकल्पिक परिवहन साधनों पर यात्रियों की निर्भरता बढ़ सकती है।
रायपुर जाने वाले यात्रियों के सामने बड़ी चुनौती
कोरबा से बिलासपुर की ओर जाने के लिए यात्रियों के पास बसों के विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन रायपुर के लिए यात्री बसों की संख्या सीमित बताई गई है। ऐसे में रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों के लिए लोकल ट्रेनें अहम साधन बनी हुई हैं।दो दिनों तक ट्रेनों के प्रभावित रहने से नियमित यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे यात्रा में अतिरिक्त समय और किराये का खर्च भी बढ़ सकता है।
तीजा पर मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ेगी परेशानी
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मायके जाती हैं। पर्व के आसपास पहले से ही यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे समय में कोरबा-रायपुर पैसेंजर सहित अन्य लोकल ट्रेनों का रद्द होना यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।सीमित बस विकल्पों के कारण रायपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। रेलवे के लिए यार्ड रीमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग कार्य तकनीकी रूप से जरूरी है, लेकिन पर्व के दौरान ट्रेनों के रद्द होने का सीधा असर यात्रियों की यात्रा व्यवस्था पर पड़ेगा।
बसों पर बढ़ सकता है अतिरिक्त दबाव
लोकल ट्रेनों के रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्री बसों और अन्य परिवहन साधनों की ओर रुख कर सकते हैं। खासकर रायपुर-बिलासपुर-कोरबा क्षेत्र में यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती रहेगी।तीजा और गणेश चतुर्थी के कारण पहले से बढ़ी आवाजाही के बीच ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से बसों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।