उत्तराखंड के सभी जिलों में रविवार को बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। बागेश्वर में भी सुबह से तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
धारचूला में उफनती नदी ने बहाया 170 फीट लंबा बेली ब्रिज
भारी बारिश का सबसे बड़ा असर पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में देखने को मिला। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बाद कुलागाड़ नदी उफान पर आ गई, जिसकी चपेट में आकर करीब 170 फीट लंबा बेली ब्रिज बह गया। यह पुल 27 अगस्त को ही तैयार किया गया था। पुल के बह जाने से चीन सीमा से सटी व्यास, दारमा और चौदास घाटियों का संपर्क एक बार फिर टूट गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
आदि कैलाश यात्रा पर भी पड़ सकता है असर
मार्ग बाधित होने के कारण 15 सितंबर से प्रस्तावित आदि कैलाश यात्रा में देरी की संभावना जताई जा रही है। यात्रा मार्ग की स्थिति और मौसम को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा। बारिश और पुल बहने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अस्थायी संपर्क मार्गों की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा-बोल्डर, करीब एक हजार यात्री रोके गए
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी बारिश के बाद परेशानी सामने आई। चीरबासा हेलीपैड के पास रात में बारिश के चलते मलबा और बोल्डर आ गए, जिससे मार्ग पर आवाजाही रोकनी पड़ी। इसके चलते शनिवार सुबह करीब एक हजार यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोक दिया गया। बाद में मौसम और मार्ग की स्थिति अनुकूल होने पर करीब साढ़े नौ बजे पैदल यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उत्तरकाशी में भूस्खलन से 1,200 सेब पौधों को नुकसान
उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक की बंगाण मासमोर पट्टी के सरास गांव में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने के कारण करीब 1,000 से 1,200 सेब के पौधे दबकर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मकानों में भी मलबा घुसने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने सेब काश्तकारों को हुए नुकसान के लिए सरकार से अतिरिक्त सहायता दिलाने की मांग करने की बात कही है।
देहरादून में जलभराव की आशंका, कई इलाकों में यातायात हो सकता है प्रभावित
देहरादून में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा उत्तराखंड का मौसम?
14 सितंबर
पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज से अति तेज बारिश होने की संभावना है।
15 सितंबर
पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज से अति तेज बारिश का अनुमान है।
16 सितंबर
सभी जिलों में मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
दो दिन बाद बारिश में कमी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के बाद मौसम की गतिविधियों में कमजोरी आने और बारिश में कमी होने की संभावना है। हालांकि, पहाड़ी जिलों में स्थानीय मौसम के कारण बारिश, भूस्खलन और मार्ग बाधित होने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।