उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में प्रदेश के 33 जिलों के जिलाधिकारियों को सोमवार को लखनऊ बुलाया गया है। चुनावी तैयारियों को लेकर होने वाली इस अहम बैठक में EVM और VVPAT से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की जाएगी। बैठक डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी, लखनऊ में आयोजित होगी। अधिकारियों की बैठक सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी।
33 जिलों के DM को लखनऊ क्यों बुलाया गया?
2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन चुनाव आयोग ने जमीनी स्तर पर तैयारियों को समय से पहले दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। बैठक में जिलों में EVM-VVPAT की व्यवस्था, मशीनों के रखरखाव और फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC की स्थिति की समीक्षा होगी। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक इंतजामों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
सिर्फ DM नहीं, ये अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
चुनाव आयोग की इस बैठक में 33 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, FLC से जुड़े अधिकारी और सुपरवाइजर भी शामिल होंगे। बैठक का फोकस EVM और VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग के साथ-साथ चुनाव के दौरान जरूरी तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर रहेगा।
इन जिलों के अधिकारी होंगे बैठक में शामिल
लखनऊ में होने वाली बैठक में अयोध्या, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया और इटावा के जिलाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात और बिजनौर के जिलाधिकारियों को भी बुलाया गया है। वहीं बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों से चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन और ललितपुर के DM बैठक में शामिल होंगे।
EVM-VVPAT की तैयारी पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए EVM और VVPAT की उपलब्धता और उनकी स्थिति को लेकर चुनाव आयोग की नजर है। बैठक में मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग, रखरखाव और संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। आयोग का जोर इस बात पर है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही मशीनों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े जरूरी इंतजाम व्यवस्थित कर लिए जाएं।
अधिकारियों को मिल सकते हैं नए दिशा-निर्देश
सोमवार की बैठक में जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को चुनावी तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं। जिलों में EVM-VVPAT से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा के साथ कमियों को समय रहते दूर करने पर भी जोर रहेगा। यानी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में चुनावी मशीनरी ने अपनी तैयारियों का पहिया अभी से तेज कर दिया है।
UP Election 2027: क्यों अहम है ये बैठक?
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े विधानसभा चुनावी राज्यों में शामिल है। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए चुनाव से काफी पहले प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करना अहम माना जाता है। 33 जिलों के DM और निर्वाचन अधिकारियों को एक साथ बुलाकर EVM-VVPAT समेत चुनावी तैयारियों की समीक्षा किए जाने से साफ है कि आयोग जमीनी स्तर पर तैयारियों को लेकर कोई ढिलाई नहीं चाहता।