Solar Plant Subsidy: अगर आपके पास ऐसी बंजर जमीन है जहां खेती संभव नहीं है, तो अब वही जमीन कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को बंजर भूमि पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना के जरिए किसान अपनी जमीन पर बिजली उत्पादन कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेचकर नियमित आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
बंजर जमीन से होगी नियमित कमाई
PM-KUSUM योजना के घटक-A के तहत किसान अपनी बंजर या अनुपयोगी जमीन पर 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। इस प्लांट से बनने वाली बिजली को स्थानीय बिजली वितरण कंपनियां (DISCOM) तय दर पर खरीदती हैं। इसके लिए आमतौर पर 25 वर्ष तक का बिजली खरीद समझौता (PPA) किया जाता है, जिससे किसानों को लंबे समय तक आय का अवसर मिलता है।
सरकार कितनी सब्सिडी देती है?
सोलर प्लांट लगाने की लागत को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 30% से 60% तक सब्सिडी उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा:
शेष राशि के लिए बैंक से कम ब्याज पर ऋण की सुविधा मिल सकती है।
कई मामलों में किसान को केवल 10% से 15% तक शुरुआती निवेश करना पड़ता है।
नोट: वास्तविक सब्सिडी और वित्तीय सहायता राज्य, परियोजना और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पैसे नहीं हैं तो जमीन लीज पर दें
यदि किसान स्वयं निवेश नहीं करना चाहते, तो वे अपनी बंजर जमीन किसी सोलर डेवलपर या कंपनी को लीज (पट्टे) पर दे सकते हैं। इस स्थिति में:
सोलर प्लांट लगाने का पूरा खर्च कंपनी उठाती है।
रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी कंपनी की होती है।
किसान को तय अवधि तक नियमित किराया मिलता है।
यह विकल्प उन किसानों के लिए उपयोगी है जो बिना निवेश के आय प्राप्त करना चाहते हैं।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
PM-KUSUM योजना के तहत आवेदन करने के पात्र हैं:
व्यक्तिगत किसान
किसानों के समूह
सहकारी समितियां
किसान उत्पादक संगठन (FPO)
आवेदन के लिए मुख्य शर्तें:
जमीन आवेदक के नाम होनी चाहिए।
जमीन के पास बिजली सब-स्टेशन (33/11 KV या निर्धारित क्षमता) उपलब्ध होना चाहिए, ताकि उत्पादित बिजली आसानी से ग्रिड में जोड़ी जा सके।
सोलर प्लांट लगाने के फायदे
बंजर जमीन का उपयोग
खेती के अलावा अतिरिक्त आय का स्रोत
सिंचाई के लिए बिजली की सुविधा
बिजली बेचकर लंबी अवधि तक आय
स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा
डीजल और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम