नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बनने के बावजूद देश में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं होती रहीं और सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में विफल रही। लोकसभा में बहस के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए।
'एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया'
बहस के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें हटाकर सरकार ने असल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी। एक 'प्रधान' को हटाकर आपने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया।" इस बयान को लेकर सदन में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
'कानून बनने के बाद भी नहीं रुके पेपर लीक'
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार द्वारा पहले कानून बनाने के बावजूद विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं जारी रहीं। उन्होंने कहा कि यदि कानून प्रभावी होता तो पिछले वर्षों में इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक नहीं होते। उनके अनुसार, सरकार केवल संशोधन लाकर समस्या का समाधान बताने की कोशिश कर रही है, जबकि असली चुनौती व्यवस्था में सुधार की है।
बीजेपी पर नफरत की राजनीति का आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने सरकार पर "नफरत की राजनीति" करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका छात्रों और युवाओं को न्याय दिलाएगी।
NTA और परीक्षा प्रणाली पर भी उठाए सवाल
लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है तथा आउटसोर्स व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
'सरकार झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए'
अपने भाषण के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार खुद को कभी न झुकने वाली बताती रही है, लेकिन युवाओं के दबाव के कारण उसे कई मुद्दों पर अपने फैसलों में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी ताकत होती है और सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
पेपर लीक विधेयक पर जारी है चर्चा
लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा जारी है। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर और सख्त रोक लगाना है, जबकि विपक्ष इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहा है।
मुख्य बातें (Highlights)
- लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा।
- अखिलेश यादव ने सरकार पर पेपर लीक रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
- धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कहा, "एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया।"
- NTA और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
- बीजेपी पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया।
- सरकार और विपक्ष के बीच विधेयक पर तीखी बहस जारी।