उज्जैन: मध्य प्रदेश में गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस बार विशेष रूप से मनाया जाएगा। 29 जुलाई को उज्जैन स्थित माधव विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों का सम्मान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘मिशन बुनियाद’ परियोजना का शुभारंभ और नव नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण शामिल है। राज्य सरकार का उद्देश्य शिक्षा में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
90% से अधिक रिजल्ट देने वाले प्राचार्यों का होगा सम्मान
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक परिणाम देने वाले शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को सम्मानित करेंगे। सरकार का मानना है कि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को सम्मानित करने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा मिलेगी।
AI आधारित ‘मिशन बुनियाद’ परियोजना होगी लॉन्च
कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘मिशन बुनियाद’ परियोजना का शुभारंभ होगी। इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक की मदद से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को मजबूत करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देना है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग में चयनित नवनियुक्त प्राथमिक शाला शिक्षकों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे। इससे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन प्रदेश के शासकीय स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेशभर के स्कूलों और महाविद्यालयों में विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और गुरु के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके।
शिक्षा और संस्कार पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का समावेश विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। इसी सोच के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और तकनीक के संगम के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य बातें
- 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में राज्य स्तरीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ।
- 90% या उससे अधिक बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों का होगा सम्मान।
- AI आधारित ‘मिशन बुनियाद’ परियोजना की होगी शुरुआत।
- नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को वितरित किए जाएंगे नियुक्ति पत्र।
- गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर रहेगा विशेष जोर।