नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के संविधान क्लब में सोमवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति पर मंथन किया। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, चुनावी प्रक्रिया, विदेश नीति, आर्थिक हालात और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। विपक्षी नेताओं ने आने वाले समय में सरकार को घेरने के लिए संयुक्त अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
विपक्ष की एकता सबसे बड़ी ताकत: खरगे
बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर विपक्ष ने कई बार अपनी एकता का प्रदर्शन किया है और यही एकजुटता आगे भी सरकार को चुनौती देने का काम करेगी।
खरगे ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सभी विपक्षी दलों का साथ आना जरूरी है। उन्होंने नेताओं से मतभेद भुलाकर साझा एजेंडे पर आगे बढ़ने की अपील की।
महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक हालात पर चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक सुस्ती जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है, जबकि युवाओं के सामने रोजगार का संकट लगातार गहरा रहा है।
खरगे ने कहा कि नए निवेश और रोजगार सृजन की रफ्तार देश की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस सेक्टर को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा, जिससे रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
SIR और मतदान अधिकारों का मुद्दा भी उठा
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। खरगे ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए लाखों लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल नहीं उठने चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगा और जरूरत पड़ने पर देशव्यापी अभियान भी चलाया जाएगा।
विदेश नीति और संविधान पर भी चर्चा
बैठक में विदेश नीति को लेकर भी सवाल उठाए गए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट नहीं रहा है। इसके साथ ही संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई गई। खरगे ने कहा कि संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अखिलेश, ममता और अन्य नेताओं ने रखे विचार
बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सामाजिक भाईचारा और विपक्षी एकता जरूरी है। वहीं सुप्रिया सुले ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में बताया।
भाजपा ने किया पलटवार
INDIA ब्लॉक की बैठक पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन जनता का विश्वास खो चुका है और केवल सत्ता की राजनीति तक सीमित रह गया है। हालांकि विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि जनता के मुद्दों को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी और आने वाले समय में INDIA ब्लॉक और अधिक मजबूती के साथ मैदान में उतरेगा।